Rajasthan Nikay Chunav Results 2026: राजस्थान नगर निगम चुनावों के नतीजे सोमवार को जारी कर दिए गए। नगरीय निकाय चुनाव 2026 के परिणामों ने प्रदेश की सियासत में भारतीय जनता पार्टी (BJP)का दबदबा और मजबूत कर दिया है। 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणामों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है।
भाजपा ने 10,244 पार्षद पदों में से 4,166 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस करीब 3,595 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं निर्दलीय और दूसरे उम्मीदवारों को 2,436 वार्ड मिले। चुनाव परिणामों के बाद जहां भाजपा खेमे में उत्साह है, वहीं कांग्रेस के सामने अब संगठन को मजबूत करने और शहरी क्षेत्रों में अपनी खोई जमीन वापस पाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
10 नगर निगमों में भाजा को बढ़त
शुरुआती रुझानों से BJP ने अपनी बढ़त बनाए रखी, जो आखिरी नतीजों में भी जारी रही। निकाय चुनावों में बीजेपी की सफलता को सिर्फ लोकल चुनावों का नतीजा नहीं माना जा रहा है। राज्य के राजनीतिक हलकों में, इसे शहरी वोटरों के बीच भजापा की मजबूत पकड़ और पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क की सफलता के सबूत के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य के 10 नगर निगमों के नतीजों में भाजपा ने 5 नगर निगमों में जीत हासिल की है। कांग्रेस सिर्फ एक नगर निगम में सफल रही है, जबकि 4 नगर निगमों में किसी भी पार्टी को साफ बहुमत नहीं मिला और यहां त्रिशंकु स्थिति बन गई है। नगर निगमों की बात करें तो कुल 252 नगर निगमों में बीजेपी ने 144, कांग्रेस ने 92 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 16 में जीत हासिल की है। वहीं, 47 नगर परिषदों में भाजपा ने 21, कांग्रेस ने 17 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 9 में जीत हासिल की है।
भाजपा की बड़ी जीत, कांग्रेस को झटका
भाजपा ने नगर निगम चुनावों में 4,000 से ज्यादा वार्ड जीते। कांग्रेस ने 3,450 से ज्यादा वार्ड जीते, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,400 से ज्यादा वार्ड जीते। युवाओं को नौकरी देना और पेपर लीक पर रोक लगाना जैसे मुद्दे बीजेपी की सफलता के लिए अहम माने जाते हैं। हालांकि, बड़े शहरों में UGC के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों ने भाजपा के प्रदर्शन पर गहरा असर डाला।
बड़े शहरों में रहा भाजपा का दबदबा
BJP ने जयपुर जैसे बड़े शहरी इलाकों में भी अच्छा प्रदर्शन किया। जयपुर के उपलब्ध नतीजों से पता चलता है कि बीजेपी ने 23 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 12 सीटें मिलीं और एक वार्ड निर्दलीय के खाते में गया। भीलवाड़ा में, बीजेपी ने 45 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस ने 10 और अन्य ने 15 जीते। अलवर में, बीजेपी ने 28, कांग्रेस ने 23 और अन्य ने 14 जीते।
हालांकि कांग्रेस ने बीकानेर, अजमेर और पाली में शानदार वापसी की। बीकानेर में, कांग्रेस ने बीजेपी (27) को पीछे छोड़ते हुए 42 वार्ड जीते। पाली में कांग्रेस ने 29 वार्ड जीते, जबकि भाजपा ने 21 और अन्य ने 15 जीते। अजमेर में, कांग्रेस 37 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जबकि BJP ने 32 और अन्य ने 11 जीते। जबकि जोधपुर में मुकाबला कांटे का रहा, जिसमें BJP और कांग्रेस ने 44-44 वार्ड जीते, जबकि अन्य ने 11 जीते। भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी पलट दी, 65 में से 38 वार्ड जीते। यहां बीजेपी के खाते में 20 बीजेपी और कांग्रेस को सिर्फ 7 को मिले।
दो चरणों में हुई थी वोटिंग
बता दें कि राजस्थान में कुल 10 नगर निगमों, 51 नगर परिषदों और 248 नगर पालिकाओं के लिए दो फेज में चुनाव हुए। 9 सितंबर को 162 नगर निकायों के 5,393 वार्डों के लिए वोटिंग हुई, जिसमें 76.41 प्रतिशत वोटिंग हुई और 20,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। इनमें भरतपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा और अलवर के नगर निगम शामिल थे। दूसरे फेज में, 11 सितंबर को 147 निकायों के 4,774 वार्ड्स के लिए वोटिंग हुई, जिसमें 71.69 परसेंट वोटिंग हुई और 18,266 कैंडिडेट्स ने चुनाव लड़ा। इनमें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और पाली के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन्स शामिल थे। दोनों फेज में कुल 74.05 परसेंट वोटिंग हुई।
विधानसभा चुनाव 2028 से पहले अहम संकेत
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। बीजेपी के लिए ये नतीजे संगठन और सरकार के पक्ष में एक अच्छा संदेश हैं। इस बीच, कांग्रेस को अब अपने शहरी संगठन, लोकल लीडरशिप और चुनावी रणनीति पर गंभीरता से फिर से सोचना होगा।
राजनीतिक तौर पर, निकाय चुनाव में BJP को बढ़त जरूर मिली है, लेकिन कांग्रेस अभी भी रेस से बाहर नहीं है। कई नगर निकायों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत रही, और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका ने भी चुनावी तस्वीर को कई तरह से बदल दिया। इसलिए, इन नतीजों को BJP के लिए साफ फायदे और कांग्रेस के लिए सुधार की चुनौती, दोनों के तौर पर देखा जा रहा है।
जीत के बाद बीजेपी में उत्साह
नतीजे आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश का माहौल था। पार्टी नेताओं ने इसे जनता के भरोसे और कार्यकर्ताओं की मेहनत की जीत बताया। इस बीच, कांग्रेस के सामने अब लोकल लेवल पर अपने संगठन को एक्टिव करने और उन इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की चुनौती है, जहां पार्टी चुनावों में कमजोर साबित हुई थी। उधर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने BJP की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए राजस्थान की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह शानदार जीत पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से मुमकिन हुई है।
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