महिला पहलवान यौन शोषण केस , कोर्ट ने BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह को किया बरी

Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। कोर्ट का यह फैसला पूर्व बीजेपी सांसद के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि यह मामला भारतीय खेल जगत की सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयों में से एक माना जाता था। हालांकि बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई, 2023 से रेगुलर जमानत पर थे। कोर्ट से निकलने के बाद बृजभूषण शरण ने कहा- ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा। इसके बाद वे हंसते हुए गाड़ी में बैठकर

Written By :

SK Sharma

Updated

August 3, 2026

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Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। कोर्ट का यह फैसला पूर्व बीजेपी सांसद के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि यह मामला भारतीय खेल जगत की सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयों में से एक माना जाता था। हालांकि बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई, 2023 से रेगुलर जमानत पर थे। कोर्ट से निकलने के बाद बृजभूषण शरण ने कहा- ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा। इसके बाद वे हंसते हुए गाड़ी में बैठकर निकल गए।

कोर्ट ने बृजभूषण सिंह को किया बरी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने का फैसला सुनाया। इस मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने 2 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह ने कहा, “जिस दिन मुझ पर आरोप लगाए गए थे, मैंने कहा था कि अगर आरोप सच साबित हुए, तो मैं खुशी-खुशी फांसी लगा लूंगा। आज कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया है।”

बृजभूषण की पहली प्रतिक्रिया आई सामने

जब कोर्ट से निकलने के बाद पत्रकारों ने बृज भूषण शरण से सवाल किए, तो उन्होंने कहा, “‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” इसके बाद वे मुस्कुराते हुए अपनी कार में बैठकर चले गए। इससे पहले उन्होंने बताया कि कोर्ट ने लगभग तीन साल बाद उन्हें और विनोद जी को बरी कर दिया है; साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संघर्ष को 15-16 सालों तक चलते देखा है। बृज भूषण शरण ने कहा कि वे हमेशा कमजोर लोगों के साथ खड़े रहे हैं। जिनके अधिकारों का हनन हो रहा था। उन्हें खुद पर भरोसा था, भले ही उन्हें यह नहीं पता था कि उन पर आरोप लगाने वालों के मन में क्या है; उन्हें कभी भी खुद में अपराधी जैसा महसूस नहीं हुआ।

बृज भूषण शरण सिंह ने जोर देकर कहा कि घटनाक्रम के बारे में उनका पक्ष सच साबित हुआ। उन्होंने दावा किया कि पहलवानों के साथ-साथ कई गुट जिनमें वामपंथी और दक्षिणपंथी से लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तक शामिल थे। इस साजिश में शामिल थे; एक-दो पार्टियों को छोड़कर बाकी सभी ने उन्हें निशाना बनाया था।

उन्होंने कहा कि अब उन्हें आत्म-मंथन करना चाहिए और अपने विरोध की वैधता पर सवाल उठाना चाहिए, क्योंकि वे चाहते थे कि उन्हें तुरंत फांसी दे दी जाए। उन्होंने कहा कि उन पर लगे आरोप इसलिए लगाए गए क्योंकि वे जूनियर और कमजोर एथलीटों के पक्ष में खड़े थे। उन्होंने टिप्पणी की कि बड़ी राजनीतिक पार्टियों और नेताओं में सीधे कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं थी, इसलिए उन्होंने महिलाओं या Gen-Z (नई पीढ़ी) की आड़ में आंदोलन खड़े किए।

बृज भूषण पर लगे थे गंभीर आरोपी

दरअसल यह मामला छह महिला पहलवान के आरोपों से शुरू हुआ था, जिनमें रेसलर विनेश फोगाट भी शामिल थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि WFI अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान उनका यौन उत्पीड़न हुआ था। जनवरी 2023 में जब नए संसद भवन का उद्घाटन हो रहा था। तब ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने साथी पहलवान विनेश फोगाट के साथ मिलकर बीजेपी के पूर्व सांसद पर यौन उत्पीड़न और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह ने शुरू से ही इन सभी आरोपों से इनकार किया था।


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