Parliament Monsoon session 2026: संसद के मानसून सत्र में दिल्ली में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध बुधवार को भी जारी रहा। संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah ) ने सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। आज दोपहर 3 बजे चर्चा शुरूकरें। मैं सदन में मौजूद रहूंगा, सबकी बात सुनूंगा और कल दोपहर 3 बजे सभी को जवाब दूंगा। इस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने अमित शाह पर निशाना साधा कहा कि ‘हमें उनके लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। वो पहले ये बताएं कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं। यदि उन्होंने आदेश नहीं दिया तो वे इस्तीफा दें।’
राहुल गांधी ने अमित शाह पर बोला हमला
कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि हमें उनके “लेक्चर” सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनकी प्राथमिकता देश के युवाओं से जुड़े सवालों के जवाब पाना है। खासकर उन सवालों के जो छात्रों के खिलाफ कथित हिंसा से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया, उन पर लाठीचार्ज की इजाजत किसने दी, और उस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है जिसमें एक छात्र की आंखों की रोशनी चली गई।
राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह पिछले 20 दिनों से सदन में नहीं दिखे हैं। उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्री में सदन का सामना करने की हिम्मत नहीं है और वे इन सवालों का जवाब देने के लिए संसद नहीं आ पा रहे हैं। राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ कील लगे डंडों के कथित इस्तेमाल का भी जिक्र किया और पूछा कि ऐसी कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।
राहुल गांधी ने सीधे अमित शाह से पूछा कि क्या उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि अगर गृह मंत्री ने ऐसा आदेश दिया था, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वे इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होंगे। वहीं, अगर उन्होंने ऐसा आदेश नहीं दिया था, तो राहुल गांधी ने उनकी काबिलियत पर सवाल उठाया और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल ने गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी सवाल उठाते। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश उसी मंत्रालय से आया था।
राहुल ने झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर तोड़ी चुप्पी
इस बीच, झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर राहुल गांधी ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वह इस मामले पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि वह झारखंड के मुद्दे पर चुप नहीं हैं और उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा था कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि वह इस मुद्दे पर खुलकर बात कर रहे हैं और विपक्ष का मकसद छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए जवाबदेही तय करना है। उन्होंने युवाओं और छात्रों से जुड़े इन सवालों के जवाब की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि सरकार को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
अमित शाह ने का क्या कहा-
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष को संसद में चर्चा करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने कहा कि वह उनके सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं और बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहेंगे। शाह ने कहा कि हाल के दिनों में भारत में सार्वजनिक और संसदीय बातचीत में “गायब” और “फरार” जैसे शब्द अक्सर सुनने को मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में बैठ रहे हैं; लेकिन, जब विपक्ष संसद के किसी भी सदन को काम नहीं करने दे रहा है, तो क्या किया जाए? सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। वह इस मुद्दे पर चर्चा के साथ-साथ इस बात पर भी चर्चा करने के लिए तैयार हैं कि विपक्ष चर्चा क्यों नहीं करना चाहता।
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