झांसीः उत्तर प्रदेश के झांसी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। थाना बबीना पुलिस और एएनटीएफ टीम झांसी ने हाईवे पर घेराबंदी कर एक ट्रक से 214 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1.07 करोड़ रुपये है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गांजा लदे ट्रक को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 11 सितंबर 2026 को थाना बबीना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने की। टीम सुकमा-दुर्गमा रोड पर नया खेड़ा की ओर अनिल वाल्मीकि के फार्म हाउस के सामने संदिग्ध वाहनों की चेकिंग और घेराबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी में ट्रक के अंदर भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से सतपाल उर्फ सत्यपाल, निवासी सौदापुर, पानीपत, हरियाणा, उम्र करीब 46 वर्ष और मोहन कुशवाहा, निवासी सिंधिया नगर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश, उम्र करीब 27 वर्ष को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के कब्जे से ट्रक संख्या PB10JE5483 में रखा 214 किलोग्राम गांजा बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना बबीना में मामला दर्ज किया।
NDPS Act के तहत मुकदमा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ मु.अ.सं. 295/2026 के तहत धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। गांजा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को भी धारा 207 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सीज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी मोहन कुशवाहा ने बताया कि उसका पड़ोसी आकाश कुशवाहा कथित तौर पर गांजे के कारोबार से जुड़ा है। मोहन के मुताबिक वह आकाश के साथ किराये की गाड़ी से भुवनेश्वर, ओडिशा गया था।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मोहन ने बताया कि आकाश ने अपने साथियों की मदद से ट्रक में गांजा लोड कराया। इसके बाद मोबाइल फोन बंद करा दिए गए और ट्रक को ग्वालियर ले जाने के लिए कहा गया। ग्वालियर पहुंचने के बाद मोबाइल चालू कर संपर्क करने की बात कही गई थी। जांच के अनुसार गांजा ग्वालियर पहुंचाने के बदले मोहन को 30 हजार रुपये और ट्रक चालक सतपाल को एक लाख रुपये देने की बात कही गई थी।
ट्रक चालक ने भी पुलिस को बताई कहानी
पुलिस के मुताबिक ट्रक चालक सतपाल उर्फ सत्यपाल ने पूछताछ में बताया कि ट्रक उसके परिचित सुरेश कुमार कनवानी का है और वह उसे किराये पर चलाता है। वह मथुरा से माल लेकर विजयवाड़ा गया था। वहां उसे उमराव सिंह रावत उर्फ कल्लू के बेटे का फोन आया और भुवनेश्वर में आकाश से संपर्क करने को कहा गया। सतपाल के कथित बयान के मुताबिक वह 7 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर में आकाश से मिला। इसके बाद आकाश ट्रक लेकर गया और शाम को ट्रक में गांजा लोड कराकर वापस दे दिया। पुलिस के अनुसार इसके बाद सतपाल का मोबाइल फोन भी बंद करा दिया गया और रास्ते में अपने फोन से किसी को कॉल नहीं करने की हिदायत दी गई। रास्ते में सतपाल की मुलाकात मोहन से हुई। दोनों कथित तौर पर गांजा लेकर ग्वालियर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बबीना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
तस्करी के बड़े नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
214 किलोग्राम गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले के नेटवर्क की जांच कर रही है। पूछताछ में सामने आए आकाश कुशवाहा और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांचकर्ताओं का फोकस इस बात पर है कि गांजा कहां से लाया गया था, इसे ग्वालियर में किसे पहुंचाया जाना था और इस तस्करी में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का किसी बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से संबंध तो नहीं है।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी विकास कुमार के निर्देशन में की गई। अभियान में थाना बबीना पुलिस और एएनटीएफ टीम झांसी के पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल बरामद गांजे, ट्रक और आरोपियों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
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