Delhi-NCR Pollution: राजधानी दिल्ली और NCR में सर्दियों की आहट के साथ ही, वायु प्रदूषण की समस्या एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है। दशहरे के बाद कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता के ‘खराब’ श्रेणी में बने रहने की संभावना है। जिसको देखते हुए, ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 लागू
दिल्ली- NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, CAQM की GRAP उप-समिति ने पूरे प्रतिबंधात्मक और नियंत्रण उपायों के पहले चरण को तुरंत लागू करने का निर्णय लिया है। आयोग ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं, नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और हवा की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करें। इन उपायों का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को और अधिक बढ़ने से रोकना और हवा की गुणवत्ता में संभावित गिरावट के खिलाफ समय रहते कार्रवाई करना है।
कई इलाकों में हालात गंभीर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हालात गंभीर हो गए है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। दिल्ली शहर में 230 जहांगीरपुरी में AQI 310, पूसा में 318, चांदनी चौक में 302, पंजाबी बाग में 304 और आर.के. पुरम में 300 है। इसके अलावा, दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में AQI 200 के पार चला गया है, जो इसे ‘खराब’ श्रेणी में रखता है।
ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। वहां AQI 248 दर्ज किया गया है, जबकि नॉलेज पार्क 5 में यह 315 तक पहुंच गया है। नॉलेज पार्क 3 में AQI 181 है। नोएडा शहर का AQI 203 है, जिसमें सेक्टर 62 की रीडिंग 296 है। वहीं, सेक्टर 125 और सेक्टर 116 में AQI 170 दर्ज किया गया। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि ग्रेटर नोएडा के कुछ इलाकों में प्रदूषण का बोझ काफी ज्यादा है।
GRAP-1 लागू, जानें क्या-क्या रहेगा बंद
दरअसल GRAP वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया एक चरणबद्ध कार्य-योजना है। इस ढांचे के तहत, प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर संबंधित एजेंसियां अलग-अलग चरणों में खास कदम उठाती हैं। पहला चरण (GRAP-1) तब लागू होता है जब हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में आ जाती है यानी, जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 201 से 300 के बीच होता है।
दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू होने पर,कचरा जलाने, धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने पर खास ध्यान रखा जाएगा। GRAP-1 के तहत सड़कों पर जमा धूल को साफ करने के लिए मशीनों से सफाई की जाएगी। इसके अलावा, वाहनों की आवाजाही से धूल हवा में न उड़े, इसके लिए जरूरत के हिसाब से सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर, धूल को हवा में उड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे। इसमें एंटी-स्मॉग गन और धूल को नियंत्रित करने वाली अन्य तकनीकों का इस्तेमाल शामिल है। संबंधित एजेंसियां यह सुनिश्चित करेंगी कि इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
GRAP-1 के तहत, कचरा, सूखी पत्तियां और अन्य कूड़ा-करकट खुले में जलाने पर रोक है। संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसी गतिविधियों पर नजर रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जाएगी। अगर कोई वाहन बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट के चलता पाया जाता है, तो नियमों के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
क्या है GRAP?
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) एक आपातकालीन प्रणाली है, जिसे दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता के स्तर के आधार पर चरणों में लागू किया जाता है। इसके चार मुख्य चरण हैं:-
चरण 1 (GRAP-1): AQI 201 से 300 (खराब)
चरण 2 (GRAP-2): AQI 301 से 400 (बहुत खराब)
चरण 3 (GRAP-3): AQI 401 से 450 (गंभीर)
चरण 4 (GRAP-4): AQI 450 से ऊपर (अत्यधिक गंभीर)
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