MP BJP Leader Paras Jain Passes Away: मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता पारस जैन का सोमवार को निधन हो गया। इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहाँ 76 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें ‘पारस पहलवान’ के नाम से जाना जाता था। पारस जैन ने छह बार विधानसभा चुनाव लड़ा; वे पांच बार विधायक चुने गए और केवल एक बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्हें 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिला था। उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
नेताओं ने जताया शोक
भाजपा के वरिष्ठ नेता Paras Jain की निधन की खबर मिलने पर बीजेपी नेताओं, जन-प्रतिनिधियों और समर्थकों ने गहरा दुख जताया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें सरल स्वभाव वाले और जन-सेवा के प्रति समर्पित नेता बताया। पारस जैन के निधन को मध्य प्रदेश बीजेपी के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पारस जैन के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ‘X’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया, “मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री, उज्जैन उत्तर से पूर्व विधायक, वरिष्ठ राजनेता और मेरे करीबी सहयोगी पारस चंद्र जैन अब हमारे बीच नहीं रहे। पारस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक और भारतीय जनता पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता थे। उनके निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख और सदमा लगा है।”
BJP की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी पारस जैन के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “वरिष्ठ BJP नेता और राज्य के पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन के निधन की खबर अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। जनसेवा और संगठन की विचारधारा के प्रति समर्पित उनका जीवन पार्टी के नए कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार व शुभचिंतकों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।”
उज्जैन-आलोट से बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया ने पोस्ट किया, “उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री पारस जैन के निधन की खबर बेहद दुखद और दिल तोड़ने वाली है। मैं बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने पवित्र चरणों में स्थान दें।”
उज्जैन से कई बार विधायक रहे
Paras Jain का जन्म 20 जून, 1950 को उज्जैन में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय समर्थमल तलेरा थे, उनकी मां कैलाश बाई हैं, उनकी पत्नी अंगूरबाला जैन हैं और उनकी बेटियां स्वाति मोगरा और संध्या तलेरा हैं। उनके पिता अनाज का व्यापार करते थे। पारस जैन कई बार उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। उन्हें बीजेपी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिना जाता था। संगठन में सक्रिय भूमिका और इलाके में लोगों के बीच मजबूत पकड़ के कारण उनकी एक अलग पहचान थी। बीजेपी नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और कई सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है।
पारस जैन का राजनीतिक करियर
पारस जैन का राजनीतिक सफर ABVP में छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे RSS और स्काउट्स एंड गाइड्स से भी जुड़े रहे। उन्होंने उज्जैन की सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की। एक सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर काम करने की वजह से उन्हें 1990 में अपने पहले विधानसभा चुनाव में जीत मिली और वे उज्जैन उत्तर से BJP के विधायक बने। पारस चंद्र जैन उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे हैं।
वे पहली बार 1990 में विधायक बने और इसके बाद 1993, 2003, 2008, 2013 और 2018 में भी चुने गए। वे सिर्फ 1998 का चुनाव हारे थे और 2023 में उन्हें टिकट नहीं मिला। पारस जैन ने मध्य प्रदेश सरकार में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। 2005 से 2013 के बीच, उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर वन, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे विभागों का कामकाज संभाला। दिसंबर 2013 में उन्हें स्कूली शिक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके बाद, 2016 में कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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