आकाश आनंद फिर घर वापसी, मायावती ने फिर सौंपी राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी

लखनऊः बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोमवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त कर दिया। पार्टी में उनकी वापसी के बाद अब उन्हें पहले दी गई जिम्मेदारी दोबारा सौंप दी गई है। इसके साथ ही आकाश आनंद को संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का एक और अवसर मिला है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में काफी सोच-विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। मायावती ने उम्मीद

Written By :

SK Sharma

Updated

October 5, 2026

mayawati , akash anand

लखनऊः बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोमवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त कर दिया। पार्टी में उनकी वापसी के बाद अब उन्हें पहले दी गई जिम्मेदारी दोबारा सौंप दी गई है। इसके साथ ही आकाश आनंद को संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का एक और अवसर मिला है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में काफी सोच-विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। मायावती ने उम्मीद जताई कि अब पार्टी में संगठनात्मक कामकाज सुचारू रूप से चलेगा और बार-बार बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मायावती ने बताई फैसले की वजह

बसपा प्रमुख ने कहा कि आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में पिछले कुछ समय में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आकाश आनंद की ओर से किए गए पोस्ट का भी उल्लेख किया। मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद की ओर से किए गए उस पोस्ट से पार्टी में वापसी की उनकी इच्छा स्पष्ट हुई थी। मायावती ने बताया कि पार्टी के अधिकांश लोगों की राय थी कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पूर्व की जिम्मेदारियों के साथ फिर से संगठन में काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा सौंपने का फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार और उनके छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस संबंध में अपनी सहमति जताई है।

ईशान आनंद का भी किया जिक्र

मायावती ने अपने बयान में ईशान आनंद की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ईशान आनंद ने मिशनरी भावना का परिचय देते हुए स्पष्ट किया कि वह बिना किसी पद के भी मायावती के दिशा-निर्देशन में पार्टी की ओर से सौंपे जाने वाले कार्यों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे। बसपा प्रमुख ने कहा कि बहुजन समाज ही उनका विराट परिवार है और उसका हित एवं कल्याण उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने पार्टी के भीतर अनुशासन को बनाए रखने पर भी जोर दिया। मायावती के मुताबिक, पार्टी में अनुशासन कायम रखने के लिए उन्होंने पिछले दिनों कई सख्त फैसले लिए हैं। इन फैसलों से उनके अपने भाई-बहन और परिवार के लोग भी अपवाद नहीं रहे हैं।

अशोक सिद्धार्थ के संन्यास का भी किया जिक्र

मायावती ने कहा कि आकाश आनंद का व्यक्तित्व और कार्यशैली पार्टी में काफी हद तक ठीक रही है, लेकिन पिछले दिनों उनसे जुड़े कुछ कारणों के चलते संगठन में कई बार जरूरी बदलाव करने पड़े। इसी घटनाक्रम के बाद आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी राजनीति से संन्यास लेना पड़ा। अब आकाश आनंद की दोबारा पार्टी में वापसी और उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दिए जाने के साथ संगठन में उनकी भूमिका फिर महत्वपूर्ण हो गई है। मायावती ने उम्मीद जताई कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से अलग होने के बाद पार्टी में परिस्थितियां अधिक सुचारू रूप से आगे बढ़ेंगी।

मायावती ने आंबेडकर-कांशीराम के विचारों का किया उल्लेख

मायावती ने अपने बयान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के संघर्ष, त्याग और आदर्शों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं विचारों से प्रेरणा लेकर बहुजन समाज पार्टी ने देश की राजनीति में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बहुजन आंदोलन के हित में काम करने और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज का हित पार्टी के लिए सर्वोपरि है।

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मायावती का बड़ा फैसला

मायावती ने कहा कि बसपा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सर्वसमाज को साथ लेकर जोरदार तैयारी कर रही है। ऐसे समय में आकाश आनंद को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बनाना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसला माना जा रहा है। आकाश आनंद की जिम्मेदारी बहाल होने के बाद अब उनकी भूमिका पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, पार्टी की आगे की रणनीति और आकाश आनंद को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां दी जाती हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

आकाश आनंद की संगठन में भूमिका फिर अहम

राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर आकाश आनंद की वापसी के साथ बसपा के संगठन में उनकी सक्रियता फिर बढ़ने की संभावना है। मायावती ने अपने फैसले को पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित से जोड़ते हुए उम्मीद जताई है कि आगे संगठन में बार-बार बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और सर्वसमाज तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में आकाश आनंद की वापसी को पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह आने वाले महीनों में पार्टी की गतिविधियों और चुनावी तैयारियों में किस तरह की भूमिका निभाते हैं।


ये भी पढ़ेंः-शहजाद पूनावाला ने BJP से दिया इस्तीफा , क्या राजनीति से हो गया मोहभंग

ये भी पढ़ें:-महिला पहलवान यौन शोषण केस , कोर्ट ने BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह को किया बरी

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)