Air India Flight Emergency Landing: जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया के एक विमान से हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आपातकालीन रूप से उतारा गया था। हालांकि सुरक्षा जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलने के बाद उसे अपनी आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी गई है।
बता दें कि यह उड़ान बुधवार सुबह जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग की गई थी, क्योंकि अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को विमान से कथित तौर पर हाईजैक अलर्ट प्राप्त हुआ था। बाद में यह सूचना जयपुर एटीसी को दी गई, जिसके बाद विमान को जयपुर की ओर मोड़कर सुबह करीब 9:45 बजे उतारा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल जांच शुरू की और एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को विमान से उतार लिया गया।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विमान में लगभग 300 यात्री सवार थे। विमान को एक आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीम सहित सुरक्षा कर्मियों ने विस्तृत जांच की।बताया गया कि यह जांच करीब ढाई घंटे तक चली। अधिकारियों के अनुसार, विमान में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियों ने यह पता लगाने के लिए पायलट से भी पूछताछ की कि अलर्ट कैसे सक्रिय हुआ।
पायलट की गलती से दब गया था अलर्ट बटन
शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि संभवतः पायलट द्वारा गलती से निर्धारित अलर्ट बटन दबाए जाने के कारण हाईजैक अलर्ट सक्रिय हो गया। एक अन्य शुरुआती जानकारी में यह भी संकेत मिला कि कोई तकनीकी या सिस्टम संबंधी खराबी इस संदेश का कारण हो सकती है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान पायलट ने गलती से अलर्ट बटन दबाने से इनकार किया। खबर लिखे जाने तक अलर्ट के वास्तविक कारण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद एजेंसियों ने विमान को दिल्ली रवाना होने की अनुमति दे दी। अलर्ट से जुड़ी सटीक परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।
जानकारी के अनुसार, यह विमान 13 अक्टूबर को रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से रवाना हुआ था और 14 अक्टूबर को सुबह 10:40 बजे दिल्ली पहुंचने वाला था। हालांकि, अलर्ट मिलने के बाद इसे जयपुर की ओर मोड़ दिया गया। घटना के बाद जयपुर हवाईअड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एयरपोर्ट पर एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) सहित कई एजेंसियों की टीमें मौजूद रहीं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक टीम को अलर्ट पर रखा गया था, हालांकि उसे जयपुर भेजे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
क्या होता है कोड 7500
गौरतलब है कि कोड 7500 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है, जिसका उपयोग पायलट विमान में अवैध हस्तक्षेप या हाईजैक जैसी स्थिति की सूचना देने के लिए करते हैं। जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल को यह कोड प्राप्त होता है, तो उड़ान दल, एटीसी और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के बीच तत्काल सुरक्षा प्रतिक्रिया और समन्वय की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। भले ही बाद में अलर्ट के गलती से सक्रिय होने या तकनीकी खराबी का संदेह हो, लेकिन स्थिति का पूरी तरह आकलन होने तक सुरक्षा एजेंसियां एहतियाती प्रक्रिया का पालन करती हैं।
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