लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश का दौर अभी जारी है, इसलिए प्रदेशभर में सड़कों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और बारिश के कारण नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी सर्वे कराया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन सड़कों की स्थिति बेहद खराब है, उन्हें तत्काल आवागमन योग्य बनाया जाए, जबकि बरसात समाप्त होने के बाद आवश्यकता के अनुसार उनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्व हैं। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर यातायात में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
681 प्रमुख मार्गों की होगी मरम्मत
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित कर संबंधित विभागों के लिए गड्ढामुक्ति के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। आगामी पर्वों के मद्देनजर प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्गों को चिन्हित किया गया है। इन मार्गों पर आम दिनों की तुलना में पर्वों के दौरान अधिक यातायात रहने की संभावना है। सरकार की प्राथमिकता इन सड़कों को त्योहारों से पहले बेहतर स्थिति में लाने की है, ताकि श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो।
चलेगा गड्ढामुक्ति अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गड्ढामुक्ति अभियान को केवल औपचारिक पैचवर्क तक सीमित नहीं रखा जाए। उन्होंने कहा कि जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां पहले उसे मोटरेबल बनाया जाए, लेकिन बरसात समाप्त होने के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि काम में तेजी जरूरी है, लेकिन गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
बैठक में प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि प्रदेश के गड्ढामुक्ति अभियान में 9 विभागों के अधीन आने वाली सड़कें शामिल हैं। इन विभागों के अंतर्गत करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। वर्तमान अभियान में लगभग 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी बैठक में दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त मार्गों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप देकर कार्यों में तेजी लाई जाए।
नवीनीकरण और विशेष मरम्मत की भी समीक्षा
समीक्षा बैठक में सड़कों के नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों के अनुसार नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए लगभग 5 हजार किलोमीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक नवीनीकरण के क्षेत्र में करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के क्षेत्र में लगभग 700 किलोमीटर कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने शेष कार्यों को भी निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए।
अस्पताल, स्कूल और बाजारों की सड़कें पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी हुई हैं। इसलिए उन मार्गों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जहां लोगों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक महत्व वाले स्थानों तक जाने वाली सड़कों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां सड़क की मरम्मत की जरूरत है, वहां बिना देरी काम शुरू कराया जाए और पहले चरण में सड़क को सुरक्षित एवं आवागमन योग्य बनाया जाए।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। योगी आदित्यनाथ ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि एक ही मार्ग पर अलग-अलग परियोजनाओं के कारण सड़क को बार-बार क्षति न पहुंचे और मरम्मत कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की लगातार निगरानी की जाए, सर्वे और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और आगामी पर्वों से पहले महत्वपूर्ण मार्गों को बेहतर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए।
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