MP Road Accident: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर 17-18 अगस्त की दरमियानी रात एक भयानक सड़क हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए। खबरों के मुताबिक, यह हादसा हाईवे पर बैठी गायों के झुंड से बचने की कोशिश में हुआ। पिकअप में सवार सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रहने वाले थे और धान की रोपाई के काम के लिए वहां गए थे और वे काम पूरा करके लौट रहे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
गायों को बचने के चक्कर में हुआ हादसा
यह हादसा गोहद इलाके के छिमका गांव के पास रात करीब 1:00 बजे हुआ। शुरुआती जांच से पता चला है कि तेज रफ्तार पिकअप हाईवे पर गायों के झुंड से बचने की कोशिश में बेकाबू हो गया और सामने से आ रहे डंपर से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की खबर मिलने पर गोहद चौराहा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने पिकअप में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत गोहद अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने आठ मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया। मृतकों के शवों को मुर्दाघर में रखा गया है और पुलिस उनकी पहचान करने और उनके परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। प्रशासन ने मृतकों के शवों को उनके गृह जिले भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
UP के लखीमपुर खीरी के रहने वाले थे मजदूर
पुलिस के मुताबिक, पिकअप ट्रक में सवार सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले थे। वे धान की रोपाई के काम के लिए ग्वालियर क्षेत्र में आए थे। काम पूरा करने के बाद, मजदूर पिकअप ट्रक से घर लौट रहे थे। गाड़ी चलाते समय, छिम्का गाँव के पास हाईवे पर बैठी गायों के झुंड से बचने की कोशिश में ड्राइवर का गाड़ी पर से कंट्रोल हट गया, जिससे पिकअप सामने से आ रहे डंपर ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हो गए।
CM योगी ने दुख जताया
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर यह पक्का करें कि मृतकों के शव उनके गृह जिलों तक पहुँचाए जाएँ और घायलों के सही इलाज का इंतजाम किया जाए। इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “मध्य प्रदेश के भिंड में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में लोगों की मौत बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली है। मेरी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं।”
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मध्य प्रदेश सरकार के साथ तालमेल बिठाकर हादसे में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों के शवों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाएं और उनके परिवारों को सौंपें, साथ ही घायलों के सही इलाज का भी इंतजाम करें। उत्तर प्रदेश के हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
कागजों में रह गया फोरलेन प्रोजेक्ट
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। मारे गए मजदूरों की पहचान और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। डंड्रौआ धाम के साधु-संतों से लेकर स्थानीय युवाओं तक, कई समूहों ने NH-719 को फोर-लेन हाईवे बनाने की मांग को लेकर बड़े विरोध-प्रदर्शन किए हैं, सड़कें जाम की हैं और ज्ञापन सौंपे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI की बैठकों में फोर-लेन प्रोजेक्ट को मंजूरी देने और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीन पर अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
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