दिव्यांग पति को पीठ पर लादकर सीएमओ ऑफिस पहुंची महिला

मथुरा — उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाएं राम भरोसे हैं। इसका उदाहरण मंगलवार को मथुरा जिले में देखने को मिला। जहां एक पत्नी अपने बिगलांग पति को पीठ पर लादकर सीएमओं ऑफिर पहुंच गई। इस बीच महिला की किसी ने कोई मदद नहीं की। दरअसल महिला के पति दिव्यांग हैं और एक पैर न होने की वजह से चलने से असमर्थ हैं। इसलिए महिला अपने पति को लेकर चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) के पास पहुंची ताकि दिव्यांग सर्टिफिकेट मिल सके। वहीं महिला ने बताया कि उसके पती को बिगलांग सर्टिफिकेट की जरुरत है।इसके लिए वह पहले कई ऑफिस में जा चुकी

Written By :

admin

Updated

April 4, 2018

मथुरा — उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाएं राम भरोसे हैं। इसका उदाहरण मंगलवार को मथुरा जिले में देखने को मिला। जहां एक पत्नी अपने बिगलांग पति को पीठ पर लादकर सीएमओं ऑफिर पहुंच गई। इस बीच महिला की किसी ने कोई मदद नहीं की।

दरअसल महिला के पति दिव्यांग हैं और एक पैर न होने की वजह से चलने से असमर्थ हैं। इसलिए महिला अपने पति को लेकर चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) के पास पहुंची ताकि दिव्यांग सर्टिफिकेट मिल सके। वहीं महिला ने बताया कि उसके पती को बिगलांग सर्टिफिकेट की जरुरत है।इसके लिए वह पहले कई ऑफिस में जा चुकी हैं लेकिन कोई मदद नहीं मिली। महिला ने बताया, ‘सर्टिफिकेट न मिलने की वजह से वील चेयर और ट्राइसाइकल की सुविधा मेरे पति को नहीं मिल पा रही है। हम पहले भी कई ऑफिसों में जा चुके हैं लेकिन अब तक कोई सर्टिफिकेट नहीं मिला।’

बता दें कि महिला ने बताया कि वो लोग नौहझील थाना क्षेत्र मानागढ़ी के रहने वाले हैं। तीन साल पहले पति मदनसिंह का मोटरसाइकिल से मथुरा आने के दौरान सड़क हादसे में एक पैर कट गया था। दुर्घटना में पैर खोने के बावजूद मदनसिंह को कोई सरकारी सुविधा नहीं मिली थी।

हालांकि बाद में सीएमओ ने महिला को सर्टिफिकेट जारी कर दिया।इसके बाद महिला सर्टिफिकेट के लिए सीएमओ के पास चली गई। उधर यूपी के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘यह दुखद है कि इस तरह की घटना सभ्य समाज में हो रही है। हम मामले की जांच कर मदद दिलवाएंगे।’