आलू किसानों व गांवों के लिए योगी सरकार ने लिया यह बड़ा फैसला !

लखनऊ–हाल ही में यूपी विधानसभा व राजभवन के सामने जिस तरह से तमाम आलू किसानों ने उचित मूल्य नहीं मिलने पर सरकार का विरोध किया था; उसके बाद आखिरकार योगी सरकार ने इस बाबत एक कमेटी बनाने का फैसला लिया है, जोकि आलू किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए अपने सुझाव देगी। बता दें आलू किसानों ने रातो-रात सड़क पर बड़ी मात्रा में आलू फेंका था। कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कमेटी के गठन की इजाजत दे दी है, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या करेंगे। कमेटी अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सरकार को

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January 10, 2018

लखनऊ–हाल ही में यूपी विधानसभा व राजभवन के सामने जिस तरह से तमाम आलू किसानों ने उचित मूल्य नहीं मिलने पर सरकार का विरोध किया था; उसके बाद आखिरकार योगी सरकार ने इस बाबत एक कमेटी बनाने का फैसला लिया है, जोकि आलू किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए अपने सुझाव देगी।

बता दें आलू किसानों ने रातो-रात सड़क पर बड़ी मात्रा में आलू फेंका था। कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कमेटी के गठन की इजाजत दे दी है, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या करेंगे। कमेटी अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सरकार को देगी। यूपी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने इस बाबत जानकारी देते हुए कहा कि यह कमेटी अपनी रिपोर्ट को 15 दिन के भीतर सरकार को देगी, जिसके बाद कमेटी द्वारा दिए गए सुझाव को लागू किया जाएगा। 

इसके अलावा कैबिनेट में मुख्य मंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी दे दी है, यह योजना मुख्य रूप से उन गांव के लोगों के लिए है जोकि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे हुए हैं, राज्य की सीमा से जुड़े हुए हैं या फिर जहां वंतंगिया, मुसहर और थारू आदिवासी अधिक हैं। इस योजना के तहत गांवों के नाम को शहीद ग्राम नाम देने का भी प्रस्ताव दिया गया है। अगर ये गांव पक्की सड़क से नहीं जुड़े हैं तो इन्हें कंक्रीट की सड़क से जोड़ा जाएगा और उन्हे गौरव पथ का नाम दिया जाएगा।