चंद्रग्रहण के चलते काशी में तीसरी बार टूटी परंपरा

वाराणसी–धर्म नगरी काशी में चंद्र ग्रहण के कारण एक बार फिर एक अहम परंपरा टूट गई। चंद्रग्रहण के सूतक के चलते घाटों पर रोज होने वाली गंगा आरती एक बार फिर दिन में की गई। सूतक के चलते दशाश्‍वमेध समेत अन्‍य घाटों पर मंगलवार को आरती शाम की बजाए दिन के उजाले में हुई। सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए जो अब बुधवार को भोर में चंद्रग्रहण समाप्‍त होने के बाद खुलेंगे। अस्‍सी, दरभंगा और शीतला घाट समेत एक दर्जन घाटों पर भी दिन में ही आरती की गई। गंगा सेवा निधि के अध्‍यक्ष सुशांत मिश्र ने

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July 16, 2019

वाराणसी–धर्म नगरी काशी में चंद्र ग्रहण के कारण एक बार फिर एक अहम परंपरा टूट गई। चंद्रग्रहण के सूतक के चलते घाटों पर रोज होने वाली गंगा आरती एक बार फिर दिन में की गई।

सूतक के चलते दशाश्‍वमेध समेत अन्‍य घाटों पर मंगलवार को आरती शाम की बजाए दिन के उजाले में हुई। सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए जो अब बुधवार को भोर में चंद्रग्रहण समाप्‍त होने के बाद खुलेंगे। अस्‍सी, दरभंगा और शीतला घाट समेत एक दर्जन घाटों पर भी दिन में ही आरती की गई।

गंगा सेवा निधि के अध्‍यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि 27 सालों के इतिहास में यह तीसरा मौका है जब गंगा आरती दिन में हुई। इससे पहले पिछले साल 27 जुलाई 2018 को दिन में एक बजे गंगा तथा उससे पहले 7 अगस्‍त को दिन में 12 बजे आरती हुई थी।