इन भारतीय खिलाड़ियों को सेलेक्टर्स से पंगा लेना पड़ा भारी, समय से पहले तबाह हुआ करियर

भारतीय टीम में किसी भी खिलाड़ी का सेलेक्शन होना काफी मुश्किल माना जाता है, और उससे भी ज्यादा कठिन होता है टीम में सेलेक्ट होने के बाद खुद को बरकरार रखना। क्योंकि आज के दौर में कई ऐसे खिलाड़ी है जो टीम से बाहर होकर भी अपने शानदार प्रदर्शन से आपको तगड़ा कॉम्पिटिशन देते हैं। वही किसी भी खिलाड़ी का भारतीय टीम में सेलेक्शन हो जाता है तो उसे विशेष ध्यान देना चाहिए कि वह अपनी जगह को टीम में कैसे बरकरार रख सकता है। दरअसल, आज हम आपको कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको

Written By :

Anjali Tripathi

Updated

December 17, 2021

भारतीय टीम में किसी भी खिलाड़ी का सेलेक्शन होना काफी मुश्किल माना जाता है, और उससे भी ज्यादा कठिन होता है टीम में सेलेक्ट होने के बाद खुद को बरकरार रखना। क्योंकि आज के दौर में कई ऐसे खिलाड़ी है जो टीम से बाहर होकर भी अपने शानदार प्रदर्शन से आपको तगड़ा कॉम्पिटिशन देते हैं। वही किसी भी खिलाड़ी का भारतीय टीम में सेलेक्शन हो जाता है तो उसे विशेष ध्यान देना चाहिए कि वह अपनी जगह को टीम में कैसे बरकरार रख सकता है। दरअसल, आज हम आपको कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको सेलेक्टर्स से पंगा लेना भारी पड़ गया और उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। इन खिलाड़ियों को भारतीय टीम के सेलेक्टर्स के फैसले के खिलाफ बोलना भारी पड़ गया और इनका करियर पूरी तरह तबाह हो गया।

मुरली विजय:

दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुरली विजय ने अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। उस समय मुरली का फ्लॉप प्रदर्शन देखने को मिला था। उसके बाद टीम में पहले मयंक अग्रवाल और बाद में रोहित शर्मा ने उनका पत्ता पूरी तरह साफ कर दिया। इसके बाद जब मुरली विजय को टीम में खेलने का मौका नहीं मिला तो उन्होंने भारतीय टीम के चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल खड़े किए थे। मुरली विजय ने कहा था, ‘कम से कम मुझे बताना तो चाहिए किस वजह से मुझे ड्रॉप किया गया है।’ इस एक बयान ने मुरली विजय का पूरा करियर खत्म कर दिया। इसके बाद उन्हें कभी भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला।

मनोज तिवारी:

मनोज तिवारी ने भारतीय टीम में खेलते हुए 2017 में 127 के औसत से 507 रन बनाए थे। लेकिन फिर भी सेलेक्टर्स ने उन्हें अनदेखा कर दिया था। उसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के सेलेक्टर्स पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इतने रन बनाने के बाद भी आप एक खिलाड़ी के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं। उसके बाद उन्हें फिर कभी टीम में दोबारा मौका नहीं मिल पाया। वहीं जब मनोज तिवारी को भारतीय टीम से ड्रॉप कर दिया गया , तब उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया था।

अंबाती रायडू:

भारतीय टीम के सेलेक्टर्स के खिलाफ मिडिल ऑर्डर के बेहतरीन बल्लेबाज अंबाती रायडू को बहुत भारी पड़ गया। बता दें कि वर्ल्ड कप 2019 के दौरान मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने रायडू की जगह विजय शंकर को टीम में 3D ऑप्शन (बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग) बताया था । जिसके बाद अंबाती रायडू ने चयनकर्ताओं पर तंज कसते हुए ट्वीट करके कहा था कि, ‘मैंने 3D चश्मे का पेयर ऑर्डर किया है वर्ल्ड कप देखने के लिए।’ इसके बाद से उनको कभी टीम में खेलने का मौका नही दिया गया।

 

 

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