Sanjay Dutt Controversy: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त के ‘भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती’ वाले बयान पर सियासी घमासान मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान पर जमकर निशाना साधा जा रहा है। इस बीच, BJP नेता परिणय फुके ने संजय दत्त के बयान पर तीखा हमला किया है। ऐसे में एक्टर ने अब अपने बयान पर सफाई दी है। संजय दत्त ने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी बातें कहीं वो गांधीगिरी वाले कॉन्सेप्ट में कही थीं और ये सब स्क्रिप्टेड था। उन्होंने अपने बयान में साफ किया कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
संजय दत्त के बयान पर मचा सियासी घमासान
उधर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने संजय दत्त के कमेंट का सपोर्ट करते हुए कहा कि देश के मौजूदा हालात के बारे में एक्टर ने जो कहा वह बिल्कुल सही है। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, “संजय दत्त ने सच कहा। BJP राज में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं, और लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। इस बयान के ज़रिए संजय दत्त ने केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्य सरकारों को इस बात से वाकिफ करा दिया है।” सरकारों को इस पर ध्यान देना चाहिए और देश और राज्यों में बढ़ती गुंडागर्दी को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
भाजपा ने बोला संजय दत्त पर तीखा हमला
इस बीच, बीजेपी नेता परिणय फुके ने संजय दत्त पर तीखा हमला किया। फुके ने कहा, “मुझे लगता है कि संजय दत्त अपना होश खो चुके हैं और शायद उन्हें पाकिस्तान या यरवदा जेल में शांति मिले। उनकी उम्र को देखते हुए, मुझे लगता है कि उन्हें अब आराम करना चाहिए और शांति पाने के लिए चार धाम यात्रा करनी चाहिए। अगर उन्हें यहां भारत में शांति नहीं मिल रही है, तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।”
शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे भी संजय दत्त की बातों से सहमत नहीं थे। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि संजय दत्त का बयान गलत है। पूरा देश जानता है कि भारत में शांति है और देश बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा है। भारत आज ऐसा देश नहीं है जो रुकेगा या थकेगा। देश ने आजादी के बाद से बहुत संघर्ष किया है। यह सबका देश है, और इसे बचाना सबकी जिम्मेदारी है।”
संजय दत्त ने क्या कहा था
दरअसल, संजय दत्त गांधी जयंती के मौके पर शेखर सुमन के टॉक शो ‘शेखर टुनाइट’ में गेस्ट के तौर पर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान संजय दत्त ने कहा, ‘इस देश के लोग बहुत अच्छे हैं। यहां शांति होनी चाहिए। लेकिन मुझे अब अपने देश में वह शांति महसूस नहीं होती। हम भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज हैं। हमने बहुत कुछ दिया है और हमें हमेशा ऐसा ही रहना चाहिए।’ मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं कि वे दिन जल्द लौट आएं।’
संजय दत्त के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। इसके बाद, कुछ लोगों ने उनके बयान को देश और सरकार के मौजूदा हालात पर कमेंट के तौर पर देखना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि एक्टर शांति के किस दौर की बात कर रहे थे और उनके बयान का क्या मतलब था। जैसे-जैसे विवाद बढ़ता गया, संजय दत्त को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी।
संजय दत्त ने दी सफाई
भारत में शांति नहीं वाले बयान संजय दत्त ने सफाई देते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया, जिसमें बताया कि उन्होंने शो में जो कहा वह एक स्क्रिप्ट का हिस्सा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं बस यह साफ करना चाहता हूं कि मेरा इरादा कभी भी किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, अपमानित करना या उनका अपमान करना नहीं था। मैंने जो कुछ भी कहा वह पहले से स्क्रिप्टेड था। उस बातचीत का मकसद बस एक हल्का-फुल्का और मजाकिया माहौल बनाना था।”
संजय दत्त अपने पोस्ट में आगे लिखते हैं- ‘मैंने जो भी बातें कहीं, उसकी भावना ठीक वैसी ही थी जैसा ‘मुन्ना भाई’ जैसी फिल्मों में मजाक और व्यंग्य देखने को मिलता है, खासकर ‘गांधीगिरी’ का कॉन्सेप्ट था, जिसका मकसद प्यार, अपनेपन, एकजुटता और सद्भावना का मैसेज देना था। मगर अफसोस की बात है कि मेरी बातों का अलग मतलब निकाला गया। मेरी बातों का मतलब उस संदर्भ से हटकर निकाला गया जिसमें वे कही गई थीं।’
ये भी पढ़ेंः-शहजाद पूनावाला ने BJP से दिया इस्तीफा , क्या राजनीति से हो गया मोहभंग
ये भी पढ़ें:-महिला पहलवान यौन शोषण केस , कोर्ट ने BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह को किया बरी
(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)

