सरकारी राशन के बड़े खेल का खुलासा !!

हरदोई– उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सरकारी राशन के एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक तथाकथित बीजेपी नेता की राइस मिल पर छापा मारकर सरकारी राशन के चावल की लगभग 10 हजार से अधिक बोरियां बरामद की है। जिस राइस मिलर के यहां सरकारी राशन के चावल की बरामदगी हुई है उसके पास आवश्यक वस्तु निगम के आठ गोदाम का हैंडलिंग का ठेका भी हैं। इन्ही आवश्यक वस्तु निगम के गोदामों से सरकारी राशन विक्रेताओं को चावल दिया जाता है। देर रात में सरकारी अमला पूर्ति विभाग के अधिकारी पुलिस

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February 16, 2018

हरदोई– उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सरकारी राशन के एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक तथाकथित बीजेपी नेता की राइस मिल पर छापा मारकर सरकारी राशन के चावल की लगभग 10 हजार से अधिक बोरियां बरामद की है।

जिस राइस मिलर के यहां सरकारी राशन के चावल की बरामदगी हुई है उसके पास आवश्यक वस्तु निगम के आठ गोदाम का हैंडलिंग का ठेका भी हैं। इन्ही आवश्यक वस्तु निगम के गोदामों से सरकारी राशन विक्रेताओं को चावल दिया जाता है। देर रात में सरकारी अमला पूर्ति विभाग के अधिकारी पुलिस और डिप्टी आरएमओ समेत तमाम अधिकारियों की फौज कोतवाली देहात इलाके के पशुपतिनाथ एग्रो राइस मिल में छापेमारी करने में जुटी हुई है। दरअसल तथाकथित भाजपा नेता प्रदीप गुप्ता के पिता शैलेन्द्र गुप्ता की इस राइस मिल में सरकारी राशन के चावल के लंबे चौड़े जखीरे की गुप्त सूचना प्रशासन को मिली थी।

इस सूचना के बाद जब प्रशासन ने राइस मिल पर छापा मारा तो प्रशासनिक अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गई। राइस मिल में 8 ट्रकों में संडीला ,शाहाबाद और कई जगह की आवश्यक वस्तु निगम के सरकारी गोदाम में राशन के कोटो का चावल राशन की दुकानों में जाने के बजाय इस रईस मिल में ट्रकों में लदा खड़ा हुआ था। जिसको राइस मिल में उतारा जा रहा था। इसके अलावा पहले से राइस मिल में हजारों बोरियां दूसरे जगह के चावल की लगी हुई थी। उन सील बोरियों में अलग-अलग राइस मिलों के टैग भी लगे हुए थे। सरकारी अमले की माने तो ट्रकों पर लगा चावल आवश्यक वस्तु निगम के गोदामों का है जो वहां से राशन के कोटे पर सप्लाई किया जाना था लेकिन कोटो पर सप्लाई करने की वजह इससे यहां राइस मिल में ले आया गया और इन की बोरियां खोलकर इस चावल की रिसाइकिलिंग करके इन्हें राइस मिल के नई बोरियों में भरकर उन पर पशुपतिनाथ एग्रो राइस मिल का टैग लगाकर भारतीय भंडार निगम में भेजा जा रहा था।

जिस राइस मिलर के यहां से चावल की बरामदगी हुई है उसके पास आवश्यक वस्तु निगम के 8 गोदाम की हैंडलिंग का ठेका भी है। इन्हीं गोदामों से राशन की दुकानों में इस चावल की आपूर्ति की जाती है। छापे के दौरान राइस मिल के मालिक और लेबर समेत सारे लोग राइस मिल छोड़कर फरार हो गए हैं। फिलहाल राइस मिल में बरामद चावल और ट्रकों को प्रशासन अपने कब्जे में लेकर राशन माफियाओं के इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है। जो लम्बे अरसे से सरकारी राशन के इस वास्तविक हक़दारो के हक पर डाका डालकर अपनी जेबे गर्म करने में जुटे है। 

(रिपोर्ट – सुनील अर्कवंशी , हरदोई )