अपहृत युवक जाएगा जेल, ये है पूरा मामला…

फतेहपुर– उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की पुलिस ने दीपक ओमर के कथित अपहरण कांड का रहस्य खत्म करते हुए एक ऐसा खुलासा किया जिसे आप सुनकर चौंक जाएंगे । एक बेटे ने खुद अपने अपहरण की साजिश रचकर पिता से फिरौती की मांग की थी । इस मामले में पुलिस अपनी टीम को प्रदेश के कई जिलों में भेजकर अपहृत युवक की तलाश कर रही थी लेकिन युवक पुलिस की लोकेशन जानने के बाद अपना लोकेशन बदल दिया करता था । यह मामला जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के अमौली कस्बे का है । पुलिस ने जब युवक का कॉल रिकॉर्ड

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March 26, 2018

फतेहपुर– उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की पुलिस ने दीपक ओमर के कथित अपहरण कांड का रहस्य खत्म करते हुए एक ऐसा खुलासा किया जिसे आप सुनकर चौंक जाएंगे । एक बेटे ने खुद अपने अपहरण की साजिश रचकर पिता से फिरौती की मांग की थी ।

इस मामले में पुलिस अपनी टीम को प्रदेश के कई जिलों में भेजकर अपहृत युवक की तलाश कर रही थी लेकिन युवक पुलिस की लोकेशन जानने के बाद अपना लोकेशन बदल दिया करता था । यह मामला जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के अमौली कस्बे का है । पुलिस ने जब युवक का कॉल रिकॉर्ड चेक किया तो यह चौकाने वाला खुलासा सामने आया । वहीं एसपी राहुल राज ने इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि यह युवक 10 मार्च से गायब हो गया था और इस मामले में पुलिस ने अपहरण का मुकदमा भी दर्ज किया था।

इस घटना के खुलासे के लिए जिले से कई टीम प्रदेश के कई जनपदों में गयी लेकिन पुलिस के लोकेशन की जानकारी के बाद वह भी अपना लोकेशन बदल दिया करता था । पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड के आधार पर इस युवक को कानपुर से बरामद किया और पूंछतांछ में यह बात सामने आई कि इस युवक ने खुद अपहरण की साजिश रचकर अपने पिता से फिरौती की मांग कर रहा था। पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।

बता दें चांदपुर थाने के अमौली कस्बे का रहने वाले एक किराना व्यापारी का बेटा पिछले कई दिनों से लापता था । वहीं परिजनों की मानें तो उनको एक नंबर से फिरौती के लिए फोन भी आया था। जिसमें बेटे की रिहाई के एवज में पांच लाख की फिरौती की मांग की गई थी। पीड़ित युवक के पिता की मानें तो उनकी कस्बे में ही किराना की दुकान है और बेटा दीपक ओमर किराने का ही समान लेने 10 मार्च को कानपुर गया था। कानपुर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसका मोबाईल नंबर बंद आने लगा। फिर परिजनों ने कई बार फोन किया तो नंबर लगातार बंद बताता रहा। फिर अचानक किसी अनजाने नंबर से फोन आया कि अगर बेटे की खैरियत चाहते हो तो पांच लाख रुपये का इंतजाम करो। घबराकर परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरु कर दी।

(रिपोर्ट- नितेश श्रीवास्तव, फतेहपुर )