विकास देख नाराज फूफा जी फिर चिल्लाएंगे…वडोदरा में PM मोदी का कांग्रेस पर तंज, Gen-Z से भी किया संवाद

PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ‘नमो फॉर विकसित भारत’ (Namo for Developed India) कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरात के वडोदरा पहुंचे। जहां उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में करीब 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में PM मोदी ने Gen-Z के साथ संवाद किया, जिसमें 6,000 युवा शामिल हुए थे। बातचीत के दौरान, उन्होंने विपक्ष को ‘फूफाजी’ कहकर तंज कसा। पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला हमला पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए बताया कि

Written By :

SK Sharma

Updated

September 8, 2026

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PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ‘नमो फॉर विकसित भारत’ (Namo for Developed India) कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरात के वडोदरा पहुंचे। जहां उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में करीब 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में PM मोदी ने Gen-Z के साथ संवाद किया, जिसमें 6,000 युवा शामिल हुए थे। बातचीत के दौरान, उन्होंने विपक्ष को ‘फूफाजी’ कहकर तंज कसा।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला हमला

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए बताया कि पिछले बारह सालों में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विचार सबसे पहले 2004 में आया था उस समय जब इनमें से कई युवा पैदा भी नहीं हुए थे। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2006 में एक खास कंपनी बनाई गई थी, फिर भी 2014 तक फाइलें बस इधर-उधर घूमती रहीं।

यह दुख की बात है कि इन फाइलों को भी अपना कोई ‘डेडिकेटेड कॉरिडोर’ नहीं मिला; वे अटकी रहीं, रुकी रहीं और किनारे कर दी गईं। 2014 में, लोगों ने मुझे गुजरात से दिल्ली बुलाया। युवा दोस्तों, यह बात ध्यान से सुनें: उन 7-8 सालों में फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर भी पूरा नहीं हुआ था। अगर देश उनके तरीके से चलता, तो तीन-चार पीढ़ियां बीत जातीं और काम कभी पूरा नहीं हो पाता। भारत के लॉजिस्टिक्स सिस्टम को बदलने वाले प्रोजेक्ट का हाल ऐसा था। 2014 के बाद, इसी धरती से सीखे गए सबक जो मैं अपने साथ दिल्ली ले गया था को ध्यान में रखते हुए हमने तुरंत इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू किया।

‘फूफाजी’ कहकर विपक्ष पर कसा तंज 

पीएम मोदी ने विपक्ष को फूफाजी कहकर तंस कसते हुए कहा-”अभी जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा। खैर, इन ‘फूफा जी’ को एक नया मुद्दा मिल गया है जिस पर वे बात करते रहेंगे। असलियत यह है कि अब देश के एक कोने से दूसरे कोने तक बड़ी मात्रा में सामान तेजी से पहुंचाया जा सकता है। फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ, रेलवे नेटवर्क भारत के उन इलाकों तक भी पहुंच रहा है जहां दशकों से इसकी पहुंच नहीं थी। इस प्रोजेक्ट के जरिए गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के आदिवासी इलाकों को भी रेल से जोड़ा जा रहा है। पिछली सरकारों के समय, बजट में सिर्फ एक या दो ट्रेनों का ऐलान होता था और इस उपलब्धि का पूरे साल ढिंढोरा पीटा जाता था जबकि आज, पूरे साल एक के बाद एक नई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। आज भी, इसी कार्यक्रम में कई नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है…”

मैं विकसित भारत की यात्रा को गति देने आया हूं

‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं आज आपके बीच विकसित भारत की यात्रा को और तेज करने के लिए आया हूं। राष्ट्रीय विकास से जुड़ी हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखने और उनके उद्घाटन पर मैं देशवासियों को हार्दिक बधाई देता हूं। मैं वड़ोदरा के हर नागरिक को उस सेवा-भाव के लिए भी बधाई और सराहना देता हूं, जिसके साथ आपने विकास के इस उत्सव के दौरान पूरे शहर में स्वच्छता और स्वागत अभियान चलाया।”

वडोदरा को ‘गति शक्ति यूनिवर्सिटी’ का शहर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आज यहीं से ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ की आखिरी कड़ियाँ भी जुड़ गई हैं। 2,800 किलोमीटर से ज्यादा लंबा ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट आज पूरा हो गया है। 21वीं सदी के भारत के लिए एक वाकई ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है।” इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और कई अन्य सांसद व नेता मौजूद थे।

50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए गए

उन्होंने बताया कि 2014 से भारत ने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनाए हैं। पिछली सरकार दस साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बना पाई थी। ‘विकसित भारत’ के जिन सात स्तंभों को मैंने देश के सामने रखा है, उनमें से मैन्युफैक्चरिंग एक अहम स्तंभ है एक ऐसी ताकत जिसे वडोदरा शहर अच्छी तरह समझता और सराहता है। 150 सालों से वडोदरा शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग के बीच तालमेल का बेहतरीन उदाहरण रहा है। अब यह शहर देश के पहले ‘मेक इन इंडिया’ मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए भी जाना जाता है; यहां के आसमान ने C-295 की पहली उड़ान भी देखी है। इस उपलब्धि के लिए मैं वडोदरा के लोगों को दिल से बधाई देता हूं।


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