हाईकोर्ट का आदेश- तत्काल हटाए जाए कानपुर व गोरखपुर के DM 

गोरखपुर — अवैध खनन मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए गोरखपुर व कानपुर के जिलाधिकारियों को सस्पेंड करने का निर्देश दिया है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रामपुर में अवैध खनन मामले पर तत्कालीन दो जिलाधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने का मुख्य सचिव को निर्देश दिया। बता दें कि यह आदेश चीफ जस्टिस डीबी भोसले व जस्टिस एमके गुप्ता की खण्डपीठ ने मकसूद की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि नन्हे को बालू स्टोरेज का लाइसेंस दिया गया, जबकि 2015 में ही हाईकोर्ट ने अवैध

Written By :

admin

Updated

December 14, 2017

गोरखपुर — अवैध खनन मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए गोरखपुर व कानपुर के जिलाधिकारियों को सस्पेंड करने का निर्देश दिया है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रामपुर में अवैध खनन मामले पर तत्कालीन दो जिलाधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने का मुख्य सचिव को निर्देश दिया।

बता दें कि यह आदेश चीफ जस्टिस डीबी भोसले व जस्टिस एमके गुप्ता की खण्डपीठ ने मकसूद की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि नन्हे को बालू स्टोरेज का लाइसेंस दिया गया, जबकि 2015 में ही हाईकोर्ट ने अवैध खनन की जांच करने व दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया था। कोर्ट के सख्त आदेश की अनदेखी की गयी और जांच न कर मामले पर पर्दा डाला गया।

याची का कहना है कि दागी ठेकेदार की अवैध तरीके से स्टोरेज लाइसेंस दे दिया गया, तो दोबारा याचिका दायर कर शिकायत की गयी। वहीं, इस मामले में कोर्ट ने रामपुर के तत्कालीन दो जिलाधिकारियों राजीव रौतेला व राकेश कुमार सिंह को निलंबित कर कार्यवाई रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने डीएम रामपुर शिव सहाय अवस्थी को तलब किया। बता दें कि वर्तमान में राजीव रौतेला गोरखपुर व राकेश कुमार सिंह कानपुर देहात के जिलाधिकारी हैं।