लाडली बिटिया ने दिवंगत पिता के सपने को किया साकार, पहले प्रयास में बनी अफसर

बहराइच–परिंदो को मिलेगी मंज़िल एक दिन ये फैले हुए उनके पर बोलते है और वही लोग रहते है खामोश अक्सर ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं । किसी शायर की लिखी ये पंक्तियां नगर के खत्रीपुरा इलाके की रहने वाली रेनू के ऊपर सटीक बैठती है ।  एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी व पली बढ़ी रेनू ने अपने दिवंगत पिता के देखे गये सपने को पूरा करने के दृढ़ निश्चय के तहत अपने पहले ही प्रयास में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल होकर कामर्शियल टैक्स आफिसर के पद पर चयनित होकर परिवार व जिले का नाम रौशन

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February 23, 2019

बहराइच–परिंदो को मिलेगी मंज़िल एक दिन ये फैले हुए उनके पर बोलते है और वही लोग रहते है खामोश अक्सर ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं । किसी शायर की लिखी ये पंक्तियां नगर के खत्रीपुरा इलाके की रहने वाली रेनू के ऊपर सटीक बैठती है । 

एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी व पली बढ़ी रेनू ने अपने दिवंगत पिता के देखे गये सपने को पूरा करने के दृढ़ निश्चय के तहत अपने पहले ही प्रयास में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल होकर कामर्शियल टैक्स आफिसर के पद पर चयनित होकर परिवार व जिले का नाम रौशन किया है । 

खत्रीपुरा मोहल्ले के रहने वाले स्वर्गीय शेष नारायण पांडे अपनी लाडली बेटी रेनू को आफिसर बनाना चाहते थे । इसके लिये वो उसे अक्सर प्रोत्साहित भी करते थे । रेनू की प्रारंभिक शिक्षा मॉर्निंग स्टार एकेडमी में हुई जहाँ पर कक्षा आठ तक कि पढ़ाई के बाद तारा महिला इंटर कालेज से इंटरमीडिएट पास करने के बाद ग्रेजुएशन किया इसी बीच पांच साल पूर्व पिता शेष नारायण की मृत्यु हो गयी । पिता की मौत के बाद चाचा अशोक पांडे व परिवारीजनों ने विषम परिस्थितियों में उसे कोचिंग के लिये दिल्ली भेज दिया । पिता के सपने को पूरा करने के लिये रेनू ने कड़ी मेहनत करते हुये 2016 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी ।  

परीक्षा के परिणाम घोषित होने पर रेनू ने नौंवी रेंक हासिल करते हुये पिता के सपने को साकार कर दिया । उनका चयन कामर्शियल टैक्स आफिसर के पद पर हुआ है । रेनू की कामयाबी से परिवारीजन काफी खुश है। वही जिले के लोगों ने भी उसकी इस कामयाबी के लिये परिजनों को बधाई दी है । 

(रिपोर्ट- अनुराग पाठक, बहराइच )