कुदरत का करिश्माः बिना गर्भधारण के ही दूध दे रही ये गाय, लोग हैरान

आगरा –आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने को जा रहे है जिसके सम्बन्ध में जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। दरअसल 1100 आबादी वाले इस गांव में एक ऐसी गाय है जो बिना गर्भधारण के दूध दे रही है। जिसका दूध लेने के लिए केवल उत्तर प्रदेश से नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों से लोगो की भारी भीड़ उमड़ रही है।  बता दें कि यह चौकाने वाली आनोखी घटना आगरा जिले के किरावली विकास खंड बिचपुरी के गांव अंगूठी की है। बीते पांच महीने से इस गांव में अंधविश्वास से उपजी अनोखी गाय का दूध लेने वालों

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December 30, 2017

आगरा –आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने को जा रहे है जिसके सम्बन्ध में जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। दरअसल 1100 आबादी वाले इस गांव में एक ऐसी गाय है जो बिना गर्भधारण के दूध दे रही है। जिसका दूध लेने के लिए केवल उत्तर प्रदेश से नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों से लोगो की भारी भीड़ उमड़ रही है। 

बता दें कि यह चौकाने वाली आनोखी घटना आगरा जिले के किरावली विकास खंड बिचपुरी के गांव अंगूठी की है। बीते पांच महीने से इस गांव में अंधविश्वास से उपजी अनोखी गाय का दूध लेने वालों की भीड़ उमड़ रही है। गांव की पगडंडियों पर रोजाना दर्जनों लग्जरी गाड़ियां अन्य प्रदेशों से भी पहुंच रही हैं।वहीं ग्रामीणों का दावा है कि गाय ने अभी तक बच्चे को भी जन्म नहीं दिया है।यहीं नहीं इसके दूध से रोग भी ठीक हो रहे हैं।

दरअसल गांव के किसान रामनारायण ने बताया कि उसकी पुत्री मनोज कुमारी करीब छह माह पूर्व अपने मवेशियों के बाड़े की सफाई कर रही थी। इसी दौरान उसका हाथ तीन साल की गाय के थन से लग गया, इससे दूध निकलने लगा। मनोज कुमारी के बताने पर उन्होंने उसके थनों को निचोड़ा तो दूध निकलने लगा। रामनारायण का अचंभित करने वाला दावा है कि दूध देने वाली इस गाय ने अभी तक गर्भधारण ही नहीं किया है। 

रामनारायण का दावा है कि कुछ ग्रामीणों ने इस दूध को पीकर देखा तो उनकी बीमारियां दूर होने लगीं।बता दें कि इस समय गाय पूरे दिन में चार से पांच लीटर दूध दे रही है।इस गांव से अंधविश्वास की लहर इस कदर फैली है कि पंजाब, हरियाणा, ग्वालियर, धौलपुर, मुरैना, जयपुर से भी काफी संख्या में लोग गाय का दूध लेने पहुंच रहे हैं। गांव महुअर की द्रोपदी, रायभा की पार्वती, सदरवन से आई मीना और नहचानी गांव से आए रघुवीर का दावा है कि दूध पीने से उनको दमा, गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत मिली है।

दूध निकालते वक्त होता है भजन कीर्तन

यहीं नहीं हर रोज सुबह सात बजे और शाम को पांच बजे दूध निकालने तक भजन-कीर्तन चलता है। और लोगों को एक-एक चम्मच दूध प्रसाद स्वरूप प्रदान किया जाता है।