नगर पालिका के कर्मचारियों ने पीएफ घोटाले का लगाया आरोप, जांच के आदेश

बहराइच–अखिल भारतीय मजदूर सफाई संघ के पदाधिकारियों ने नपाप में कार्यरत ठेका व संविदा कर्मचारियों के 54 लाख 39 हजार पीएफ के घोटाले का आरोप लगाया है। कर्मचारी नेताओं की शिकायत पर मामले को गंभीरता से लेते हुये राष्ट्रीय कर्मचारी आयोग की सदस्य ने जांच के निर्देश दिये हैं। राष्ट्रीय कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दलेर मंगलवार को जनपद श्रावस्ती भ्रमण के लिए जनपद मुख्यालय पंहुची थी। स्थानीय पीडब्लूडी के डाकबंगले पर अखिल भारतीय मजदूर सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मदन निराला की अगुवाई में संगठन के महासचिव रमेश चौधरी, मंत्री मनोज कुमार व समाज के पूर्व चौधरी अजय कुमार

Written By :

Shweta Singh

Updated

December 11, 2019

बहराइच–अखिल भारतीय मजदूर सफाई संघ के पदाधिकारियों ने नपाप में कार्यरत ठेका व संविदा कर्मचारियों के 54 लाख 39 हजार पीएफ के घोटाले का आरोप लगाया है। कर्मचारी नेताओं की शिकायत पर मामले को गंभीरता से लेते हुये राष्ट्रीय कर्मचारी आयोग की सदस्य ने जांच के निर्देश दिये हैं।

राष्ट्रीय कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दलेर मंगलवार को जनपद श्रावस्ती भ्रमण के लिए जनपद मुख्यालय पंहुची थी। स्थानीय पीडब्लूडी के डाकबंगले पर अखिल भारतीय मजदूर सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मदन निराला की अगुवाई में संगठन के महासचिव रमेश चौधरी, मंत्री मनोज कुमार व समाज के पूर्व चौधरी अजय कुमार आयोग की सदस्य से मुलाकात कर नपाप में कार्यरत ठेका व संविदाकर्मियों के साल भर के पीएफ की धनराशि में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये शिकायत की। मामले में संगठन के अध्यक्ष निराला आयोग की सदस्य को जानकारी देते हुये बताया कि वर्ष 2017 से कर्मचारियों का पीएफ खाते में नही पंहुच रहा है। पीएफ का लेखा जोखा भी नही दिया जा रहा है।

अध्यक्ष निराला ने बताया कि एक वर्ष में चार कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। लेकिन नपाप प्रशासन की उदासीनता के चलते इपीएफ की धनराशि खाते में न पंहुचने से मृतक कर्मचारी के परिवारीजनों को मिलने वाला जीवन बीमा का ६ लाख भी नही मिल सका है। अध्यक्ष निराला की शिकायत के बाद आयोग की सदस्य दलेर ने कलेक्ट्रेट के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे प्रकरण पर मंथन किया। इस दौरान उन्होंने प्रकरण को गंभीर बताते हुये एडीएम जयचंद पांडेय को मामले की जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये है।

कर्मचारियों के खाते में भेज दी गई पीएफ की धनराशिः

वर्ष 2017 फरवरी को जारी शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों के पीएफ की धनराशि की कटौती की जा रही है। कर्मचारियों के पीएफ की धनराशि खाते में पंहुच गई है। कर्मचारियों का आरोप निराधार है। शीघ्र ही सभी पासबुक उपलब्ध कराकर इसकी जानकारी दे दी जायेगी।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक, बहराइच)