IPS अमिताभ ठाकुर को धमकाने के मामले में मुलायम को क्लीन चिट

लखनऊ — इन दिनों उत्तर प्रदेश की योगी सरकार यादव परिवार पूरी तरह से मेहरबान दिख रही है। अभी हाल ही में योगी सरकार ने शिवपाल यादव को मायावती आलीशान बंगला आवंटित करने के बाद अब  आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी देने के मामले में मुलायम सिंह यादव को क्लीन चिट दे दी गई है। दरअसल अपनी रिपोर्ट में सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव ने लिखा है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह ने आईपीएस को धमकी नहीं दी थी बल्कि आईपीएस अधिकारी को बड़े की तरह समझाया था। बता दें कि आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने मुलायम

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October 16, 2018

लखनऊ — इन दिनों उत्तर प्रदेश की योगी सरकार यादव परिवार पूरी तरह से मेहरबान दिख रही है।

अभी हाल ही में योगी सरकार ने शिवपाल यादव को मायावती आलीशान बंगला आवंटित करने के बाद अब  आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी देने के मामले में मुलायम सिंह यादव को क्लीन चिट दे दी गई है।

दरअसल अपनी रिपोर्ट में सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव ने लिखा है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह ने आईपीएस को धमकी नहीं दी थी बल्कि आईपीएस अधिकारी को बड़े की तरह समझाया था।

बता दें कि आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने मुलायम के खिलाफ फोन पर धमकी देने का मामला लखनऊ के हजरतगंज में दर्ज करवाया था, जिसमें अदालत ने मुलायम को निर्दोश देते हुए क्लीन चिट दे दी है। इसके अलावा लखनऊ पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद प्रकाश सिंह की अदालत में मामले की अंतिम रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा कि वह शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में कार्रवाई करने के आदेश दे। अगर इस मामले में ठाकुर दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 6 महीने की जेल और एक हजार रुपये का जुर्माना बतौर सजा के रुप में देने पड़ सकते हैं। अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की है।

गौरतलब है कि ठाकुर ने 10 जुलाई, 2015 को हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि मुलायम ने उन्हें फोन पर धमकी दी थी। पुलिस ने इस मामले में पहली बार अक्टूबर 2015 में अंतिम रिपोर्ट लगाई थी, लेकिन ठाकुर ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे चुनौती दी थी। अदालत ने 20 अगस्त, 2016 को इस अंतिम रिपोर्ट को खारिज करते हुए पुलिस को मामले की आगे जांच करने के आदेश दिए थे। 

पुलिस ने मामले की जांच के लिए मुलायम की आवाज का सेंपल लेने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा था कि, फोन में रिकार्ड आवाज उनकी ही है। हालांकि उन्होंने कहा कि मैने एक बुजुर्ग होने के नाते ठाकुर से बात की थी और उनका इरादा उन्हें धमकाने का नहीं था। फिलहाल सीजेएम लखनऊ आनंद प्रकाश सिंह ने मामले में सुनवाई की अगली तिथि 15 नवंबर तय की है।