समाज को नशा मुक्त करने के लिए खड़ा हुआ है एक और संगठन

मेरठ — अब तक आपने तमाम ऐसे संगठन देखे होंगे जो गरीबी शिक्षा और तमाम तरह की लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए समाज में काम करते हैं.लेकिन मेरठ में एक ऐसा संगठन भी है जो समाज से नशा भगाने के लिए खड़ा हुआ है और संगठन का नाम है भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज. बता दें कि इस संगठन की स्थापना 1964 में ऋषि नाथ रत्नाकर महाराज ने की थी. उसके बाद से ही यह संगठन समाज के बीच जाकर लोगों को नशा मुक्त और शिक्षा की ओर बढ़ाने का काम करने लगा. धीरे-धीरे दलित समाज में

Written By :

SK Sharma

Updated

February 5, 2020

मेरठ — अब तक आपने तमाम ऐसे संगठन देखे होंगे जो गरीबी शिक्षा और तमाम तरह की लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए समाज में काम करते हैं.लेकिन मेरठ में एक ऐसा संगठन भी है जो समाज से नशा भगाने के लिए खड़ा हुआ है और संगठन का नाम है भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज.

बता दें कि इस संगठन की स्थापना 1964 में ऋषि नाथ रत्नाकर महाराज ने की थी. उसके बाद से ही यह संगठन समाज के बीच जाकर लोगों को नशा मुक्त और शिक्षा की ओर बढ़ाने का काम करने लगा. धीरे-धीरे दलित समाज में शिक्षा का संचार हुआ और पहले से लोगों में नशे के खिलाफ विरोध भी बढ़ा,लेकिन कुछ समय पहले इस संस्था के संस्थापक ऋषि नाथ रत्नाकर जी महाराज का देहांत हो गया. और फिर इस संगठन के लोगों ने ऋषि नाथ के इस मिशन को आगे बढ़ाने की ठान ली और अब उनके रास्ते पर चलते हुए फिर लोगों के बीच जा जाकर नशे को भगाने का अभियान छेड़ दिया.

वहीं आज भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज के मुख्य संचालक अशोक लंकेश पंजाब से अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ क्रांति धरा मेरठ पहुंचे. यहां पर पहले से ही भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज के लिए काम कर रहे स्वर्गीय बुंदू राम खलीफा और स्वर्गीय वीरांगना चन्दो देवी के छोटे पुत्र महेश टांक को राष्ट्रीय संचालक की जिम्मेदारी दी तो उनके बड़े बेटे मदन पहलवान को प्रदेश कार्यकारिणी और उनकी बेटी शारदा मति को प्रदेश की वीरांगना वाहिनी की प्रचारक की जिम्मेदारी सौंपी गई.वहीं नवनियुक्त राष्ट्रीय संचालक महेश टांक का कहना है कि वो रत्नाकर जी के इस मिशन को आगे बढ़ाएंगे और समाज से नशा भगाएंगे.

(रिपोर्ट-सागर कुशवाहा,मेरठ)