‘अब स्वास्थ्य इकाइयों से वापस नहीं लौटेंगे जरूरतमंद’- डॉ दलवीर सिंह

फर्रूखाबाद– परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत फेमिली प्लानिंग के नए पोर्टल लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट एवं इन्फार्मेशन सिस्टम (एफ़पीएलएमआईएस) का एक दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में हुआ । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य इकाईयों पर तैनात फार्मासिस्ट, डाटा आपरेटर व चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ दलवीर सिंह ने कहा कि पहले परिवार नियोजन के जरूरतमंदों को स्वास्थ्य इकाइयों से निराश होकर लौटना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि अब परिवार नियोजन के साधन सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर समय

Written By :

Shweta Singh

Updated

October 24, 2019

फर्रूखाबाद– परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत फेमिली प्लानिंग के नए पोर्टल लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट एवं इन्फार्मेशन सिस्टम (एफ़पीएलएमआईएस) का एक दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में हुआ ।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य इकाईयों पर तैनात फार्मासिस्ट, डाटा आपरेटर व चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ दलवीर सिंह ने कहा कि पहले परिवार नियोजन के जरूरतमंदों को स्वास्थ्य इकाइयों से निराश होकर लौटना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि अब परिवार नियोजन के साधन सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर समय पर पहुंच सकेंगे। मांग और आपूर्ति की व्यवस्था को सीधे ऑनलाइन किया जा रहा है। इससे दोहरा फायदा होगा एक और जहां समय रहते परिवार नियोजन के साधन संबंधित स्वास्थ्य इकाई पर पहुंच जाएंगे।

वहीं इसके रखरखाव के लिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को रजिस्टर मेंटेन करने से छुटकारा मिल जाएगा। अब इसका पूरा डाटा ऑनलाइन फीड किया जा सकेगा। डाटा ऑनलाइन होने से कहां कितनी मात्रा में किस साधन की जरूरत है, उसे जिला, मंडल, प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली में देखा जा सकेगा। इससे जैसे ही मांग की जाएगी संबंधित जगह वह सामग्री तुरंत भेज दी जाएगी।उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई से जिला परिवार कल्याण विशेषज्ञ, रिजवान अली ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल से परिवार नियोजन के साधन आशा के जरिए जरूरतमंदों तक पहुंचेंगे। रिजवान ने बताया कि आईयूसीडी और अंतरा इंजेक्शन सीधे आशा को नहीं दिया जाएगा क्योंकि इसके प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

कुल मिलाकर इन दो साधनों के देने के पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास इन साधनों के देने के लिए ट्रेंड सर्विस प्रोवाइडर है या नहीं। परिवार कल्याण विशेषज्ञ ने एफ़ पी एल एम आई एस ऐप डाउनलोड कर उसे भरने के तौर तरीके के बारे में चिकित्सा अधिकारियों डाटा आपरेटर और फार्मासिस्ट को विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक कंचन बाला, एचआईएमएस डेटा आपरेटर हिमांशु मेहता, फार्मासिस्ट चक्र सिंह, डाटा आपरेटर सुरेश, एआरओ ज्ञान सिंह, सहित कई फार्मासिस्ट, चिकित्सा अधिकारी व डाटा आपरेटर मौजूद रहे।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद)