लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे RSS के कार्यकर्ता, 6 दिन में बांटे 10 हजार भोजन पैकेट

लखनऊ: गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र की कई बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और सेवा भारती के कार्यकर्ता राहत अभियान चलाकर जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचा रहे हैं। पिछले छह दिनों से जारी इस अभियान में स्वयंसेवक नावों के सहारे उन बस्तियों तक पहुंच रहे हैं, जहां सड़क मार्ग से जाना मुश्किल हो गया है। राहत अभियान के तहत

Written By :

SK Sharma

Updated

October 17, 2026

rss

लखनऊ: गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र की कई बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और सेवा भारती के कार्यकर्ता राहत अभियान चलाकर जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचा रहे हैं। पिछले छह दिनों से जारी इस अभियान में स्वयंसेवक नावों के सहारे उन बस्तियों तक पहुंच रहे हैं, जहां सड़क मार्ग से जाना मुश्किल हो गया है।

राहत अभियान के तहत अब तक करीब 10 हजार भोजन पैकेट और 30 हजार पानी की बोतलें वितरित किए जाने का दावा किया गया है। स्वयंसेवक सुबह और शाम प्रभावित लोगों तक भोजन और पेयजल पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बाढ़ के दौरान लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।

नावों के जरिए पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

फैजुल्लागंज क्षेत्र में जलभराव से घिरी बस्तियों तक राहत पहुंचाने के लिए स्वयंसेवक नावों का सहारा ले रहे हैं। दाऊद नगर, मामा कॉलोनी, यादव चौराहा और आसपास के प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री वितरित की जा रही है। अभियान के तहत भोजन और पानी के अलावा नमकीन, बिस्किट, लाई, चना, मच्छरबत्ती और माचिस जैसी रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं भी लोगों को दी जा रही हैं। इन सामग्रियों का उद्देश्य बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है। राहत कार्य में प्रतिदिन करीब 65 कार्यकर्ता दो पालियों में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। स्वयंसेवक प्रभावित इलाकों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों की स्थिति का जायजा लेते हैं और उपलब्ध राहत सामग्री वितरित करते हैं।

40 हजार परिवार प्रभावित

राहत अभियान से संबंधित विज्ञप्ति के अनुसार, फैजुल्लागंज क्षेत्र में करीब 40 हजार परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से लगभग 25 हजार परिवारों के पलायन करने का दावा किया गया है। वहीं, शेष करीब 15 हजार परिवारों तक राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि राहत अभियान से जुड़े कार्यकर्ता क्षेत्र के लगभग 80 प्रतिशत प्रभावित हिस्सों तक पहुंच चुके हैं। जलभराव के कारण जिन स्थानों पर सामान्य आवागमन बाधित है, वहां नावों की मदद से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। हालांकि, प्रभावित परिवारों, पलायन और राहत वितरण से संबंधित ये आंकड़े अभियान की ओर से जारी जानकारी पर आधारित हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने लिया राहत कार्यों का जायजा

बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंचाए जा रहे राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल भी पहुंचे। उनके साथ प्रांत सेवा प्रमुख देवेंद्र, सेवा भारती के कोषाध्यक्ष मंशाबक्श सिंह और लखनऊ के विभाग प्रचारक अनिल कुमार मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने राहत अभियान में लगे स्वयंसेवकों से बातचीत कर कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित बस्तियों में राहत सामग्री वितरण की स्थिति भी देखी। इस दौरान अभियान के तहत भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने की व्यवस्था का जायजा लिया गया। राहत अभियान में जुटे कार्यकर्ता लगातार प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और वहां रहने वाले परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।

बाढ़ प्रभावितों तक मदद पहुंचाने की कोशिश

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज की कई बस्तियों में रहने वाले लोगों के सामने आवागमन और दैनिक जरूरतों को लेकर चुनौतियां पैदा हुई हैं। ऐसे में राहत अभियान के तहत भोजन, पीने के पानी और जरूरी घरेलू वस्तुओं का वितरण प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहायता बन रहा है। RSS और सेवा भारती के स्वयंसेवकों का प्रयास है कि जलभराव से घिरे इलाकों में रहने वाले लोगों तक नियमित रूप से राहत सामग्री पहुंचाई जा सके। अभियान में सुबह और शाम वितरण की व्यवस्था की गई है, जबकि दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।


ये भी पढ़ेंः-शहजाद पूनावाला ने BJP से दिया इस्तीफा , क्या राजनीति से हो गया मोहभंग

ये भी पढ़ें:-महिला पहलवान यौन शोषण केस , कोर्ट ने BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह को किया बरी

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)