ऑड-ईवन पर NGT की तलवार,अब केजरी को साबित करना होगा कि इससे प्रदूषण घटेगा

नई दिल्ली — नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार द्वारा आनन-फानन में ऑड-ईवन को लागू करने के लिए उसे कड़ी फटकार लगाया है। NGT ने शुक्रवार दोपहर को ऑड-ईवन फैसले की समीक्षा के दौरान कहा कि जब तक वह संतुष्ट नहीं हो जाती तब तक दिल्ली सरकार ऑड-ईवन को लागू नहीं कर सकती। ऑड-ईवन को ‘तमाशा’ बताते हुए ट्राइब्यूनल ने कहा कि ऑड-ईवन का उद्देश्य तारीफ के योग्य है लेकिन जिस तरह से इसे लागू किया जा रहा है वह गलत है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से कहा है कि पहले यह साबित करें कि ऑड-ईवन काउंटर प्रोडक्टिव नहीं

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November 10, 2017

नई दिल्ली — नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने दिल्ली सरकार द्वारा आनन-फानन में ऑड-ईवन को लागू करने के लिए उसे कड़ी फटकार लगाया है। NGT ने शुक्रवार दोपहर को ऑड-ईवन फैसले की समीक्षा के दौरान कहा कि जब तक वह संतुष्ट नहीं हो जाती तब तक दिल्ली सरकार ऑड-ईवन को लागू नहीं कर सकती।

ऑड-ईवन को ‘तमाशा’ बताते हुए ट्राइब्यूनल ने कहा कि ऑड-ईवन का उद्देश्य तारीफ के योग्य है लेकिन जिस तरह से इसे लागू किया जा रहा है वह गलत है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से कहा है कि पहले यह साबित करें कि ऑड-ईवन काउंटर प्रोडक्टिव नहीं है। 

नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल ने कहा कि शॉक ट्रीटमेंट के तौर पर ऑड-ईवन का इस्तेमाल नहीं हो सकता। एनजीटी ने कहा कि ऑड-ईवन को हर साल लागू करना चाहिए। ट्राइब्यूनल ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास तैयारी के लिए एक साल का वक्त था लेकिन उसने कुछ नहीं किया। एनजीटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कभी इस योजना को लागू करने को नहीं कहा। SC और NGT ने पलूशन पर काबू पाने के लिए 100 रास्ते बताए लेकिन सरकार ने हमेशा ऑड-ईवन को चुना। दिल्ली सरकार को इस स्कीम को जस्टिफाई करना होगा।