कैराना उपचुनाव: भाभी के लिए देवर ने चुनाव के मैदान से हटाए कदम !

नई दिल्ली– उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकदल की प्रत्याशी तबस्सुम के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे (सुनील सिंह की लोकदल समर्थित) उनके देवर कंवर हसन ने भाभी को समर्थन दे दिया है। कंवर हसन ने राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होते हुए चुनाव से हटने का ऐलान किया है। कंवर हसन जयंत चौधरी की मौजूदगी में रालोद में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वो अपनी भाभी और रालोद प्रत्याशी तबस्सुम को जिताने के लिए चुनाव में काम करेंगे। इसे राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी के लिए बड़ा फायदा माना जा रहा है। कंवर हसन

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May 24, 2018

नई दिल्ली– उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकदल की प्रत्याशी तबस्सुम के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे (सुनील सिंह की लोकदल समर्थित) उनके देवर कंवर हसन ने भाभी को समर्थन दे दिया है।

कंवर हसन ने राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होते हुए चुनाव से हटने का ऐलान किया है। कंवर हसन जयंत चौधरी की मौजूदगी में रालोद में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वो अपनी भाभी और रालोद प्रत्याशी तबस्सुम को जिताने के लिए चुनाव में काम करेंगे। इसे राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी के लिए बड़ा फायदा माना जा रहा है। कंवर हसन पिछले चुनाव में बसपा के टिकट पर लड़े थे और एक लाख 60 हजार वोट पाए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में तबस्सुम के बेटे नाहिद सपा तो कंवर हसन बसपा के टिकट पर कैराना में उतरे थे। इसका सीधा फायदा भाजपा के हुकुम सिंह को हुआ था और उन्होंने यहां बड़ी जीत दर्ज की थी।

रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन महागठबंधन के समर्थन से चुनाव लड़ रही हैं। उनके लिए उनके ही देवर कंवर हसन चुनौती बने हुए थे। जो कि लोकदल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में थे। कंवर हसन और उनके चेयरमैन भाई अनवर हसन की कैराना कस्बे में ठीकठाक पकड़ है और उन्होंने अपना चुनाव अभियान भी मुस्लिमों तक सीमित रखा था। इसलिए माना जा रहा था कि मुस्लिम मतों में सेंध लगा वो तबस्सुम हसन को नुकसान कर सकते हैं। उनके साथ आ जाने से राष्ट्रीय लोकदल को राहत मिली है।