स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और गंदगी से त्रस्त निवासियों ने किया प्रदर्शन

लखनऊ –कानपुर रोड स्थित बरिगंवा में जहाँ एक तरफ गंदगी का अंबार है वहीं दूसरी तरफ स्वच्छ पेयजल की भी बड़ी समस्या है । इसकी शिकायत क्षेत्रीय निवासियों ने कई बार स्थानीय पार्षद , नगर निगम और जल संस्थान से की लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई । इसको लेकर शनिवार को स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम , जल संस्थान और क्षेत्रीय पार्षद सौरभ सिंह ऊर्फ़ मोनू का जमकर विरोध किया और नारे लगाये ।   कृष्णा नगर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले हिन्द नगर वार्ड के बरिगंवा में प्रशासनिक अराजकता और अतिक्रमण के कारण बुरा हाल है । सड़के बदहाल और

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October 30, 2017

लखनऊ –कानपुर रोड स्थित बरिगंवा में जहाँ एक तरफ गंदगी का अंबार है वहीं दूसरी तरफ स्वच्छ पेयजल की भी बड़ी समस्या है । इसकी शिकायत क्षेत्रीय निवासियों ने कई बार स्थानीय पार्षद , नगर निगम और जल संस्थान से की लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई । इसको लेकर शनिवार को स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम , जल संस्थान और क्षेत्रीय पार्षद सौरभ सिंह ऊर्फ़ मोनू का जमकर विरोध किया और नारे लगाये ।

 

कृष्णा नगर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले हिन्द नगर वार्ड के बरिगंवा में प्रशासनिक अराजकता और अतिक्रमण के कारण बुरा हाल है । सड़के बदहाल और टूटी पड़ी हैं और तमाम हैण्डपम्प भी ख़राब पड़े हैं , जिसके कारण पीने के पानी की गंभीर दिक्कत हो गयी है । गाँव वालों का कहना है कि इसकी शिकायत कई बार करने के बाद भी न तो नगर निगम सुध ले रहा है और न ही जल संस्थान ।

स्थानीय निवासी व व्यापारी नेता शौकत अली ने बताया कि उन्होंने खुद कई बार स्थानीय पार्षद से इसको लेकर कहा और अधिकारियों को भी पत्र लिखा लेकिन अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई ।स्थानीय पार्षद सौरभ सिंह मोनू का कहना है कि उन्होंने अपने कोटे से और नगर निगम की मदद से पचास पचास लाख की दो सड़को का निर्माण बरिगंवा में करवाया और नालियों के साथ साथ चार इण्डिया मार्का हैंडपम्प भी लगवाये हैं । बरिगंवा गाँव की सफाई में बीस सफाई कर्मी लगे हुए हैं जिसमे दस दिन में और दस रात में सफाई करते हैं ।

पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष और बरिगंवा में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर राजपाल भारद्वाज का  कहना है कि बरिगंवा में अनेक स्थानीय लोगों ने बाहर से आये मजदूरों और अन्य लोगों को यहाँ वहाँ बसा रखा है और ये लोग शौच भी खुले में करते हैं जिससे कि गंदगी में और भी इजाफा होता है और सफाई में भी दिक्कत होती है और संसाधनों के अत्यधिक उपयोग से व्यवस्था भी बिगडती है ।

रिपोर्ट-अंशुमान दुबे,लखनऊ