मासूम बच्चियों ने बाबा योगी और दादा मोदी से लगाई गुहार

फर्रूखाबाद– उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने के बाद लोगो को शायद लगा था की उनको इंसाफ मिलेगा लोगो के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चो को भी बाबा योगी और दादा मोदी पर भी भरोसा बना था लेकिन जिस तरह से सरकार के नुमाइंदे जन प्रतिनिधि काम कर रहे है उन पर सवाल जरूर खड़े हो रहे है। मामला फर्रुखाबाद के सदर के मोहल्ला भोपतपट्टी का है जहाँ पराग डेरी में काम करने वाले अजय कटियार के घर की माली हालत ठीक नही है। उनकी पत्नी की मृत्यु एक हादसे में लगभग तीन साल पहले हो चुकी है। अजय की छोटी-छोटी आस्था और सिद्धि

Written By :

admin

Updated

July 24, 2019

फर्रूखाबाद– उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने के बाद लोगो को शायद लगा था की उनको इंसाफ मिलेगा लोगो के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चो को भी बाबा योगी और दादा मोदी पर भी भरोसा बना था लेकिन जिस तरह से सरकार के नुमाइंदे जन प्रतिनिधि काम कर रहे है उन पर सवाल जरूर खड़े हो रहे है।

मामला फर्रुखाबाद के सदर के मोहल्ला भोपतपट्टी का है जहाँ पराग डेरी में काम करने वाले अजय कटियार के घर की माली हालत ठीक नही है। उनकी पत्नी की मृत्यु एक हादसे में लगभग तीन साल पहले हो चुकी है। अजय की छोटी-छोटी आस्था और सिद्धि दो बच्चियां है जिनका पेट भरने के लिए अजय फर्रुखाबाद में पराग डेरी में बीते कई साल से काम करते है। समय के साथ साथ अजय के घर की माली हालत खराब होने से बच्चीयो की पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा था तब बच्चियों को सूबे में सरकार बदलने के बाद बाबा योगी पर भरोसा था की बाबा उनकी पढ़ाई लिखाई को ठीक कर देंगे तब बच्चियों ने बाबा और दादा योगी, मोदी के नाम पत्र लिखा।

पत्र में लिखा कि दादा जी मैंने आपकी बड़ी तारीफ सुनी है  कि आप तथा मोदी बाबाजी लड़कियों के लिए काफी कार्य कर रहे हैं। बाबा जी मैं दो बहनें तथा दो भाई हूं। मेरे पापा पराग डेयरी फर्रुखाबाद में एक श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे हैं। लगभग 2 वर्षे पापा को वेतन नहीं मिल रहा। मेरी मम्मी की मृत्यु 2 वर्ष पूर्व हो गई है जिससे मेरी बहन की पढ़ाई छूट गई है। मैंने आठवीं क्लास अच्छे नंबरों से पास कर ली है तथा छोटी बहन ने चौथी क्लास पास कर ली है परंतु मैं अब आगे पढ़ना चाहती हूं पर मेरे पापा की मजबूरी है। मैंने सुना है कि आप लड़कियों के लिए काफी कुछ कर रहे हैं मैं तो बहुत उम्मीद के साथ आपको लिख रही हूं कि आपके सहयोग का आशीर्वाद से मेरी बहन की पढ़ाई पूर्ण हो सकेगी। जिंदगी भर आपकी आभारी रहूंगी।

बता दें सरकार की कारगुजारी और अधिकारियों की अनदेखी के चलते इन बच्चियों को अधिकारियों ने दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर कर दिया। बच्चियों ने यह पत्र लगभग 2 साल पहले लिखा था लेकिन अधिकारियों को इन बच्चियों पर कतई तरस नही आया ।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद)