…और इस तरह तहसील दिवस बना मजाक !

एटा– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था सुधरने के लाख दावे क्यों  ना कर लें लेकिन इस कानून व्यवस्था में पीड़ितों को न्याय मिलने का नाम नही ले रहा है। वही योगी जी पीड़ितों को अधिक से अधिक न्याय मिले इसके लिए जनता दरबार, सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस जैसे विकल्प जनता के लिए खोले हैं , लेकिन ये सारे इंतजामात जनता तक पहुंच नही पहुच पा रहे है और सम्पूर्ण समाधान दिवस की तस्वीर इसके बिलकुल उलट मिली है । दरअसल एटा में  जिलाधिकारी अमितकिशोर की अध्यक्षता में सम्पूर्ण तहशील दिवस का आयोजन किया गया जिसमें जितनी तल्लीनता

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March 21, 2018

एटा– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था सुधरने के लाख दावे क्यों  ना कर लें लेकिन इस कानून व्यवस्था में पीड़ितों को न्याय मिलने का नाम नही ले रहा है। वही योगी जी पीड़ितों को अधिक से अधिक न्याय मिले इसके लिए जनता दरबार, सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस जैसे विकल्प जनता के लिए खोले हैं ,

लेकिन ये सारे इंतजामात जनता तक पहुंच नही पहुच पा रहे है और सम्पूर्ण समाधान दिवस की तस्वीर इसके बिलकुल उलट मिली है । दरअसल एटा में  जिलाधिकारी अमितकिशोर की अध्यक्षता में सम्पूर्ण तहशील दिवस का आयोजन किया गया जिसमें जितनी तल्लीनता से जिलाधिकारी महोदय फरियादियों की फ़रियाद सुन रहे थे और उनकी समस्याओं को निपटाने का प्रयाश भी कर रहे थे ।

लेकिन वही उनके मातहत,अधीनस्थ बड़ी बेसर्मी से अपने, अपने मोबाइल में व्यस्त थे और तो और कई कर्मचारी अपनी कुर्सी से ही दूर जाकर अपने मोबाइल पर ही बात करने में व्यस्त थे। हद तो तब हो गई जब एक लडकी अपनी फ़रियाद करते हुए रोने लगी लेकिन इन अधिकारियो पर जैसे मानवता नाम की बात का कोई असर ही नहीं हो रहा था। इस तरह इस योगी राज में जनता को किस कदर न्याय मिल पायेगा जब अधिकारियो को मोबाइल से ही मुक्ति नहीं मिल रही है तो इन जिले के वरिष्ठ अधिकारियो के सामने भी सुधरने का नाम नही है तो इस पुलिस और प्रसाशन में किया इनका क्या ख़ौफ़ होगा। वही जब इस सम्बन्ध मैं जिलाधिकारी से बात करने की कोसिश की तो उन्होंने कुछ कहने से साफ़ इंकार कर दिया।

(रिपोर्ट- आर.बी.द्विवेदी, एटा )