हैवानियतःमहिला को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा,तमाशबीन बनी रही भीड़

बुलंदशहर – एक तरफ जहां देश में महिला अधिकारों पर लंबी लंबी बातें और प्रचार प्रसार किया जाता है वहीं दूसरी और धरातल पर इन दावों की पोल खुल रही है। दरअसल यूपी के बुलन्दशहर में मानवता को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला को पंचायत के आदेश के बाद पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया, उससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि जब महिला को पेड़ से बांधकर पीटा जा रहा था तो वहां पर सैंकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों में से किसी ने भी उसको बचाने की कोशिश नही की,और वहां खड़े

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March 23, 2018

बुलंदशहर – एक तरफ जहां देश में महिला अधिकारों पर लंबी लंबी बातें और प्रचार प्रसार किया जाता है वहीं दूसरी और धरातल पर इन दावों की पोल खुल रही है। दरअसल यूपी के बुलन्दशहर में मानवता को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है।

यहां एक महिला को पंचायत के आदेश के बाद पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया, उससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि जब महिला को पेड़ से बांधकर पीटा जा रहा था तो वहां पर सैंकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों में से किसी ने भी उसको बचाने की कोशिश नही की,और वहां खड़े सभी लोग तमाशबीन बने रहे।

बता दें कि बुलंदशहर में कानून-व्यवस्था को ताक पर रखकर पंचायत ने एक महिला को निर्ममता से सजा देने का फरमान जारी कर दिया। मामला बुलंदशहर स्याना कोतवाली क्षेत्र के लौंगा गांव का है। यहां पड़ोसी युवक के साथ भागी विवाहित महिला को पेड़ से लटका कर बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। पंचायत में पंचों के आदेश के बाद सरेआम महिला की पिटाई हुई।इतना ही नहीं, पिटाई के दौरान महिला का वीडियो भी बनाया। 

 

यहीं नहीं हद तो तब हो गई जब गांव के वहां खड़े लोग केवल तमाशा देखते रहे। इस घटना के वहां खड़े किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को नामजद और  12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावों की भी हवा निकल गई है।

यह वीडियो समाज के क्रूर चेहरे को दर्शाता ही है साथ ही यह भी बताता है कि महिला अधिकारों के लिये जो बड़ी बड़ी बातें और दावे किये जा रहे हैं, उनका जमीन पर कोई अमल नही है, महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा में इस तरह की घटनाऐं इंसानियत का चेहरा शर्म से नीचे झुका देती हैं।