हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों से मांगा उनकी कमाई का एक तिहाई हिस्सा,मचा बवाल

न्यूज डेस्क — हरियाणा की खट्टर सरकार ने राज्य के खिलाड़ियों के प्रोफेशनल स्पोर्ट्स और विज्ञापन के जरिए की गई कमाई का एक तिहाई हिस्सा हरियाणा स्पोर्ट्स काउंसिल में जमा करने का आदेश दिया है. सरकार का कहना है इसके जरिए जो भी पैसा जमा होगा उसका इस्तेमाल राज्य में स्पोर्ट्स के विकास में लगाया जाएगा.वहीं सरकार के इस आदेश के बाद राज्य के खिलाड़ियों में जबरदस्त आक्रोश है. दरअसल हरियाणा के खेल एवं युवा मामलों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अशोक खेमका ने 30 अप्रैल को आदेश जारी कर कहा, “हरियाणा के गवर्नर को ये बताते हुए खुशी हो रही है

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June 8, 2018

न्यूज डेस्क — हरियाणा की खट्टर सरकार ने राज्य के खिलाड़ियों के प्रोफेशनल स्पोर्ट्स और विज्ञापन के जरिए की गई कमाई का एक तिहाई हिस्सा हरियाणा स्पोर्ट्स काउंसिल में जमा करने का आदेश दिया है.

सरकार का कहना है इसके जरिए जो भी पैसा जमा होगा उसका इस्तेमाल राज्य में स्पोर्ट्स के विकास में लगाया जाएगा.वहीं सरकार के इस आदेश के बाद राज्य के खिलाड़ियों में जबरदस्त आक्रोश है.

दरअसल हरियाणा के खेल एवं युवा मामलों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अशोक खेमका ने 30 अप्रैल को आदेश जारी कर कहा, “हरियाणा के गवर्नर को ये बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रोफेशनल स्पोर्ट्स और विज्ञापनों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों पर कुछ शर्तें लगाई जा रही हैं. खिलाड़ी प्रोफेशनल स्पोर्ट्स और विज्ञापन के जरिए की गई कमाई का एक तिहाई हिस्सा हरियाणा स्पोर्ट्स काउंसिल में जमा करेंगे. इस पैसे का इस्तेमाल राज्य में स्पोर्ट्स के विकास में लगाया जाएगा.

वहीं सरकार के इस फरमान से हरियाणा के खिलाड़ी गुस्से में हैं. इसी को लेकर पहलवान योगेश्वर दत्त ने ट्वीट कर अशोक खेमका पर निशाना साधा है.इसके अलावा हरियाणा की रेसलर बबीता फोगाट ने भी खट्टर सरकार के इस आदेश की आलोचना की है. 

सरकार का विरोध करते हुए योगेश्वर ने लिखा है कि “ऐसे अफसर से राम बचाए, जब से खेल विभाग में आए है तब से बिना सिर-पैर के तुग़लकी फ़रमान जारी किए जा रहे हैं. हरियाणा के खेल-विकास में आपका योगदान शून्य हैं. किंतु ये दावा है मेरा इसके पतन में आप शत-प्रतिशत सफल हो रहे हैं. अब हरियाणा के नए खिलाड़ी बाहर पलायन करेंगे और इसके जिम्मेदार आप होंगे.”

वहीं बबीता ने कहा, “क्या सरकार को अंदाजा भी है कि खिलाड़ी कितनी ज्यादा मेहनत करते हैं? सरकार ऐसे कैसे हमारी एक-तिहारी सैलरी मांग सकती है? मैं इसका बिल्कुल समर्थन नहीं करती हूं. सरकार को कम से कम इस मुद्दे पर हम लोगों से चर्चा कर लेना चाहिए था.”