इस जिला अस्पताल मेॆ मधुमखियोॆ के खौफ में रहते है बच्चे और तीमारदार

हरदोई– मासूम बच्चे हो, तीमारदार हो या फिर चिकित्सक ,यहां हर कोई खौफ के साये में जीने को मजबूर है। ये सुनने में भले ही आपको अटपटा लगे लेकिन यहां की यही हकीकत है और इसकी वजह है प्रशासनिक लापरवाही। दरअसल मामला हरदोई के जिला अस्पताल के सामने बने बाल वार्ड और पोषण पुनर्वास केंद्र का है, जहां हरदम मधुमक्खियों का खौफनाक साया बना रहता है। ऐसे में यहां हर कोई भय के माहौल में जीता है । विभाग की ओर से इस बाबत लिखा भी गया लेकिन इस समस्या का अभी तक कोई निदान नहीं हो सका है ।

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January 12, 2018

हरदोई– मासूम बच्चे हो, तीमारदार हो या फिर चिकित्सक ,यहां हर कोई खौफ के साये में जीने को मजबूर है। ये सुनने में भले ही आपको अटपटा लगे लेकिन यहां की यही हकीकत है और इसकी वजह है प्रशासनिक लापरवाही।

दरअसल मामला हरदोई के जिला अस्पताल के सामने बने बाल वार्ड और पोषण पुनर्वास केंद्र का है, जहां हरदम मधुमक्खियों का खौफनाक साया बना रहता है। ऐसे में यहां हर कोई भय के माहौल में जीता है । विभाग की ओर से इस बाबत लिखा भी गया लेकिन इस समस्या का अभी तक कोई निदान नहीं हो सका है ।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में जिला चिकित्सालय के ठीक सामने बने बाल बार्ड और पोषण पुनर्वास केंद्र के नजदीक बनी पानी की इस टंकी को दूर से देखने में भले ही आपको ये सामान्य लगे लेकिन इसकी हकीकत सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जाता है जिससे कि उनका कुपोषण दूर किया जा सके और अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बाल वार्ड में भर्ती कराया जाता है दोनों ही जगह 10-10 बच्चों के रखने की व्यवस्था है लेकिन आप जब इस पानी की टंकी के थोड़ा नजदीक जाएंगे तो आपको 50 से अधिक मधुमक्खी के छत्ते लगे दिख जाएंगे। ये मधुमखियां इन बार्ड के आसपास दिन भर उड़ती और घूमती रहती हैं जो कई बार लोगों पर हमला बोलकर उन्हें अस्पताल तक पहुंचा चुकी है। ऐसे में यहां इलाज कराने आने वाले बच्चे हो तीमारदार हो या फिर बच्चों का इलाज करने वाले चिकित्सक हर किसी को इनका डर सताता रहता है कि कही मधुमक्खियां उन्हें काट न लें यही वजह है कि यहां हर कोई खौफ के साए में जीने को मजबूर है।

दरअसल मधुमक्खियों का आशियाना बनी जिला चिकित्सालय की इस पानी की टंकी से पूरे जिला अस्पताल को पानी की सप्लाई की जाती है।ऐसा नही कि स्वास्थ्य विभाग को इसकी चिंता नही कई बार मधुमक्खियों को यहां से हटाने के लिए मुख्यचिकित्सा अधीक्षक के स्तर से वन विभाग,जल निगम और नगर पालिका को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन इसे प्रशासनिक लापरवाही कहें या अक्षमता कि अभी तक किसी भी जिम्मेदार विभाग की ओर से इन मधुमक्खियों को यहां से हटाने के लिए कोई ध्यान नही दिया गया है ।

जब कही कोई अप्रिय घटना हो जाती है तब जाकर विभागीय अफसरों की नींद टूटती है इस मामले में भी शायद इन अफसरों को मानो किसी अनहोनी घटना का बेसब्री से इंतजार हो जिसके चलते सिर पर मंडराते इस खौफ के मंजर को भी वो नजरअंदाज करने में जुटे है जो अभी तक मामले की गंभीरता नही समझ पा रहे है ।

रिपोर्ट-सुनील अर्कवंशी ,हरदोई