Gen Z के आगे झुकी सरकार ! शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, CJP ने खत्म किया प्रदर्शन

Dharmendra Pradhan Resignation: देश में लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे की मांग कर रहे थे। शनिवार को Gen Z के आगे सरकार झुक गई और आखिरकर धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने एक पत्र साझा कर कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा में सुधार, सीबीआई जांच और सीबीटी व्यवस्था की बात करते हुए अपना पद छोड़ने का

Written By :

SK Sharma

Updated

July 25, 2026

dharmendra pradhan

Dharmendra Pradhan Resignation: देश में लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे की मांग कर रहे थे। शनिवार को Gen Z के आगे सरकार झुक गई और आखिरकर धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने एक पत्र साझा कर कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा में सुधार, सीबीआई जांच और सीबीटी व्यवस्था की बात करते हुए अपना पद छोड़ने का कारण बताया।

शिक्षा मंत्री ने पद से दिया इस्तीफा

नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में युवा जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसकी शुरुआत दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई, जहां अभिजीत दीपेक की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी से लाखों युवा जुड़कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आश्वासन देकर उनका अनशन समाप्त कराया। अब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया है। सीजेपी के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा था कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 25 जुलाई शनिवार को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने इसे बड़ी जीत बताते हुए जश्न मनाया।

प्रभावित परिवारों को न्याय

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनके आंदोलन की सफलता है। उनके संघर्ष दृढ़ निश्चय के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमने कर दिखाया। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन हमने साबित कर दिया कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन छात्रों और परिवारों को न्याय दिलाना है, जो परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि वह पीड़ित छात्रों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्हें न्याय दिलाने तक लड़ाई जारी रखेंगें।

1 करोड़ मुआवजे की मांग

अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े विवाद और अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद के साथ-साथ न्याय भी मिलना चाहिए। बता दें कि इस प्रोटेस्ट के दौरान अभिजीत ने अनिश्चित काल के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया था। 18 जुलाई को पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला किया था। इसके साथ ही जेएयू की पीएचडी की छात्रा नेहा ने भी सोनम वांगचुक के साथ 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल की शुरुआत की थी। वो लगातार 21 दिन से अधिक समय तक अनशन पर डटी रहीं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद छात्र इसे अपनी बड़ी जीत बता रहे हैं।


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