ऐतिहासिक शिवालयों में सुबह से ही लगा भक्तों का तांता

फर्रुखबाद — पवित्र श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है। पूरा फर्रुखाबाद शिवमय हो चला है। शिव आस्था के लिए प्रमुख मंदिरो पर रविवार को ही आसपास के जिलों से शिव भक्तों का जुटना प्रारंभ हो गया था।  फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक शिवालयो  में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा है। भक्त भोले बाबा को अपनी भक्ति से प्रसन्न करने के लिए उनका जलाभिषेक कर रहे हैं। उन्हें पुष्प,बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर रहे हैं।फर्रुखाबाद में काशी के बाद सर्वाधिक शिव मंदिर हैं इसलिए इसे अपरा काशी भी कहा जाता है । सावन में  पूजा अर्चना के लिए मंदिर परिसर

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July 22, 2019

फर्रुखबाद — पवित्र श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है। पूरा फर्रुखाबाद शिवमय हो चला है। शिव आस्था के लिए प्रमुख मंदिरो पर रविवार को ही आसपास के जिलों से शिव भक्तों का जुटना प्रारंभ हो गया था। 

फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक शिवालयो  में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा है। भक्त भोले बाबा को अपनी भक्ति से प्रसन्न करने के लिए उनका जलाभिषेक कर रहे हैं। उन्हें पुष्प,बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर रहे हैं।फर्रुखाबाद में काशी के बाद सर्वाधिक शिव मंदिर हैं इसलिए इसे अपरा काशी भी कहा जाता है ।

सावन में  पूजा अर्चना के लिए मंदिर परिसर की साफ सफाई एवं रंगाई पुताई की व्यवस्था की गयी है। भगवान शिव के चमत्कारिक शिवलिंग को फूल व बेल पत्रों से सजाया जाता है। महंत एवं पुजारी द्वारा सुबह शाम आरती की जाती है। शिव भक्तों के आवागमन व पूजा अर्चना के समय मंदिर के तीनों द्वार खोल दिए जाते हैं। शिव का भोग व प्रसाद वितरण किया जाता है। मंदिर में पूजा अर्चना के लिए भोगांव, मैनपुरी, बेवर, फर्रुखाबाद, अलीगंज व आसपास के ग्रामों के लोगों के साथ अन्य जनपदों से कांवरियों का आना जाना रहता है।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार,फर्रुखाबाद)