शादी समारोह में DJ पर  नाच-गाना हुआ तो काज़ी नहीं पढ़ाएंगे निकाह

सहारनपुर — एक ओर जहां शादियों में बैंड-बाजा और डीजे का फैशन बनता जा रहा है वहीं, दूसरी ओर देवबंदी उलेमाओं ने इसके खिलाफ फतवा जारी करते हुए कहा है कि अब वह उन विवाह समारोह में निकाह नहीं पढ़ाएंगे, जिनमें डीजे या बैंड-बाजे का इंतजाम किया गया होगा। बता दें कि शहर काजी मुफ़्ती अजफर हुसैन मियां के नेतृत्व में देवबंदी उलेमाओं समेत निकाह कराने वाले काज़ियों ने बैठक कर यह फैसला लिया है।दरअसल उलेमा ने इसे शरई मान्यताओ के विरुद्ध बताते हुए ऐसे विवाह समारोह में निकाह पढ़ने से इंकार कर दिया है। उलेमा ने शरई मान्यताओं के

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April 2, 2018

सहारनपुर — एक ओर जहां शादियों में बैंड-बाजा और डीजे का फैशन बनता जा रहा है वहीं, दूसरी ओर देवबंदी उलेमाओं ने इसके खिलाफ फतवा जारी करते हुए कहा है कि अब वह उन विवाह समारोह में निकाह नहीं पढ़ाएंगे, जिनमें डीजे या बैंड-बाजे का इंतजाम किया गया होगा।

बता दें कि शहर काजी मुफ़्ती अजफर हुसैन मियां के नेतृत्व में देवबंदी उलेमाओं समेत निकाह कराने वाले काज़ियों ने बैठक कर यह फैसला लिया है।दरअसल उलेमा ने इसे शरई मान्यताओ के विरुद्ध बताते हुए ऐसे विवाह समारोह में निकाह पढ़ने से इंकार कर दिया है।

उलेमा ने शरई मान्यताओं के खिलाफ बताते हुए ऐसे विवाह समारोह में निकाह पढ़ाने से इनकार कर दिया है। शहर काजी मुफ़्ती अजफर हुसैन मियां ने कहा कि वह उन विवाह समारोह में निकाह नहीं पढ़ाएंगे, जहां डीजे या नाच-गाना होगा। रविवार को नायब शहर काजी मुफ़्ती अजफर हुसैन मियां के आवास पर आयोजित उलेमाओं की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ऐसे समारोह में निकाह न पढ़ाया जाए।