कैंसर के लिए रामबाण है ‘गाय का दूध’

हेल्थ डेस्क — कैंसर जानलेवा है, पर एक चीज ऐसा ‘रामबाण’ है जो इस बीमारी से लड़ने की ताकत देती है। दरअसल, गाय के दूध में एक्सोसम्स की खोज हुई है, जो कैंसर की दवा को डिलीवर करने का जबरदस्त स्रोत है। इससे कैंसर की दवा नैनो तकनीक में तब्दील कर ज्यादा असरदार बन जाती है। पीयू में नैनो साईटेक में अमेरिका से आए प्रो. रमेश गुप्ता ने इस तकनीक का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का सफल प्रशिक्षण हो चुका है। अब अगले कदम में दवा को सीधा शरीर के प्रभावित क्षेत्र पर असर करने के लिए

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November 10, 2017

हेल्थ डेस्क — कैंसर जानलेवा है, पर एक चीज ऐसा ‘रामबाण’ है जो इस बीमारी से लड़ने की ताकत देती है। दरअसल, गाय के दूध में एक्सोसम्स की खोज हुई है, जो कैंसर की दवा को डिलीवर करने का जबरदस्त स्रोत है।

इससे कैंसर की दवा नैनो तकनीक में तब्दील कर ज्यादा असरदार बन जाती है। पीयू में नैनो साईटेक में अमेरिका से आए प्रो. रमेश गुप्ता ने इस तकनीक का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का सफल प्रशिक्षण हो चुका है। अब अगले कदम में दवा को सीधा शरीर के प्रभावित क्षेत्र पर असर करने के लिए काम किया जा रहा है।

चूंकि नैनो तकनीक से कैंसर के इलाज में बड़े स्तर पर रिसर्च चल रही है। उसी के तहत दूध के एक्सोसम्स को ड्रग डिलीवरी में इस्तेमाल करने पर काम किया गया। जो काफी असरदार पाया गया। हालांकि, यह तकनीक उस स्तर पर नहीं पहुंची की सीधे बीमारी की जड़ पर दवा पहुंचाई जा सके। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के प्रो. रूडनी जेवाई के मुताबिक नैनो तकनीक से बनी दवा, आम दवा के मुकाबले ज्यादा असरदार होती है। ये किसी बीमारी पर जल्दी और कई गुणा मात्रा में असर करती हैं।