Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में शुक्रवार तड़के उस वक्त एक बड़ा हादसा हो गया, जब चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, गली संकरी होने के कारण राहत कार्यों में शुरुआती दिक्कतें आईं। फिलहाल मौके पर बचाव कार्य जारी है।
कई लोगों के दबे होने की आशंका
NDRF के अनुसार, ठाणे जिले के भिवंडी में चार मंजिला इमारत गुरुवार रात अचानक ढह गई। जोरदार आवाज के साथ इमारत गिरी, जिससे चारों ओर अफरातफरी मच गई। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग भी लगाई। हालांकि, खतरा भांपते हुए वहां काम कर रहे कई मजदूर पहले ही इमारत से बाहर निकल चुके थे। इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। बताया जा रहा है कि हादसे वक्त इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसकी वजह से इमारत गिरने के समय अंदर कम लोग मौजूद थे।
बचाव कार्य जारी
शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि भिवंडी में इमारत की मरम्मत का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात इमारत के झुकने का पता चलने के बाद कुछ लोग बाहर निकल आए थे। हालांकि, आशंका है कि मरम्मत कार्य में लगे कुछ मजदूर और अन्य लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने अभी तक अंदर फंसे लोगों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
उधर घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन विभाग, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के दौरान एक महिला को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया; प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत टीमें अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
इमारत गिरने की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि क्या इमारत का ढांचा पहले से ही कमजोर था या मरम्मत के काम के दौरान किसी तकनीकी चूक की वजह से यह हादसा हुआ। हादसे की असली वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तुरंत इलाज मुहैया कराना है।
पहले ही खतरनाक घोषित थी इमारत
गौरतलब है कि कोहिनूर अपार्टमेंट का मूल्यांकन 2007 में किया गया था, हालांकि इसका निर्माण 2012 में पूरा हुआ था। इस बिल्डिंग में दो विंग थे। खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण, इसे शुरू से ही जर्जर माना जाता था। नगर निगम ने इसे खतरनाक घोषित करते हुए नोटिस भी जारी किया था। एक विंग के ग्राउंड-फ्लोर के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था क्योंकि वे कमजोर हो गए थे। NDRF, TDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
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