बरेली DM के बाद अब एक महिला अफसर ने किया विवादित पोस्ट

लखनऊ —  बरेली डीएम के बाद अब यूपी की एक महिला अफसर ने सोशल मीडिया पर कासगंज हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की मौत पर विवादित पोस्ट कर सनसनी फैसा दी है।इस महिला अफसर ने फेसबुक पोस्ट में कासगंज हिंसा की तुलना सहारनपुर के मामले से की है। इसके पहले बरेली डीएम ने भी एक विवादित पोस्ट किया वहीं बवाल बढ़ने के बाद उन्हें माफ़ी मांगनी पड़ी थी। बता दें कि सहारनपुर में डिप्टी डायरेक्टर सांख्यिकी के पद पर तैनात रश्मि वरुण ने 28 जनवरी को अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘तो ये थी कासगंज की तिरंगा रैली।

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February 3, 2018

लखनऊ —  बरेली डीएम के बाद अब यूपी की एक महिला अफसर ने सोशल मीडिया पर कासगंज हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की मौत पर विवादित पोस्ट कर सनसनी फैसा दी है।इस महिला अफसर ने फेसबुक पोस्ट में कासगंज हिंसा की तुलना सहारनपुर के मामले से की है।

इसके पहले बरेली डीएम ने भी एक विवादित पोस्ट किया वहीं बवाल बढ़ने के बाद उन्हें माफ़ी मांगनी पड़ी थी।

बता दें कि सहारनपुर में डिप्टी डायरेक्टर सांख्यिकी के पद पर तैनात रश्मि वरुण ने 28 जनवरी को अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘तो ये थी कासगंज की तिरंगा रैली। यह कोई नई बात नहीं है। अंबेडकर जयंती पर सहारनपुर के सड़क दूधली में भी ऐसी ही रैली निकाली गई थी। उसमें से अंबेडकर गायब थे या कहिए कि भगवा रंग में विलीन हो गए थे।

कासगंज में भी यही हुआ। तिरंगा गायब और भगवा शीर्ष पर जो लड़का मारा गया, उसे किसी दूसरे, तीसरे समुदाय ने नहीं मारा। उसे केसरी, सफेद और हरे रंग की आड़ लेकर भगवान ने खुद मारा। रश्मि ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जो नहीं बताया जा रहा है वो ये कि अब्दुल हमीद की मूर्ति या तस्वीर पे तिरंगा फहराने की बजाय इस तथाकथित तिरंगा रैली में चलने की जबरदस्ती की गई और केसरिया, सफेद, हरे और भगवा रंग पे लाल रंग भारी पड़ गया।

बता दें कि इससे पहले बरेली डीएम राघवेंद्र ने कासगंज हिंसा पर एक पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि “अजब रिवाज बन गया है। मुस्लिम मुहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था। फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गए”।

वहीं मामला बड़े अधिकारियों के पास पहुंचने के बाद डिप्टी डायरेक्टर रश्मि वरुण ने कहा की फेसबुक पोस्ट में ऐसी कोई बात नहीं लिखी गई है, जो किसी के खिलाफ हो। उन्होंने कहा गणतंत्र दिवस मनाने का सभी को अधिकार है। इससे पहले या बाद मनाने का कोई मतलब नहीं होना चाहिए साथ।