बाहुबली विधायक राजा भैया ने नई पार्टी के लिए किया आवेदन

लखनऊ — 2019 का लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही चुनावी बिसात बिछाने की बाकायदा शुरु हो चुकी है। सभी राजनेता अभी से अपनी-अपनी पार्टी को  मजबूत करने में जूट गए हैं। हाल ही में सपा में हाशिए पर होने के कारण शिवपाल सिंह यादव ने अपने नए समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन किया है। वहीं अब बाहुबली व निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के नई पार्टी बनाने के एेलान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों की माने तो, राजा भैया ने नई पार्टी के गठन के लिए चुनाव आयोग में आवेदन कर दिया है। इस सिलसिले

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October 10, 2018

लखनऊ — 2019 का लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही चुनावी बिसात बिछाने की बाकायदा शुरु हो चुकी है। सभी राजनेता अभी से अपनी-अपनी पार्टी को  मजबूत करने में जूट गए हैं। हाल ही में सपा में हाशिए पर होने के कारण शिवपाल सिंह यादव ने अपने नए समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन किया है।

वहीं अब बाहुबली व निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के नई पार्टी बनाने के एेलान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों की माने तो, राजा भैया ने नई पार्टी के गठन के लिए चुनाव आयोग में आवेदन कर दिया है। इस सिलसिले में बुधवार को राजा भैया अपना शपथपत्र जमा कर सकते हैं।

बता दें कि, राजा भैया की तरफ से अक्षय प्रताप उर्फ गोपाल ने मंगलवार को आवेदन किया है। पिछले कई महीनों से राजा भैया के समर्थक पार्टी बनाने को लेकर जनता के बीच सर्वे कर रहे थे। उधर राजनितिक गलियारों में राजा भैया के नई पार्टी बनाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दरअसल राजा भैया प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा से विधायक हैं. बना जा रहा है कि 30 नवम्बर को लखनऊ में रैली कर राजा भैया पार्टी का ऐलान कर सकते हैं।

गौरतबल है कि राजा भैया की इस कवायद को सवर्णों को लामबंद करने की मुहिम के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुए मतभेद के बाद से ही वे नई सियासी जमीन तलाश रहे हैं।कहा जा रहा है कि सपा से रिश्ते खराब होने के बाद राजा भैया का यह बड़ा सियासी दांव है।

1993 में राजनीति में रखा था कदम 

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का जन्म 31 अक्टूबर, 1967 को प्रतापगढ़ के भदरी रियासत में हुआ। उनके पिता का नाम उदय प्रताप सिंह और माता मंजुल राजे है। 1993 में हुए विधानसभा चुनाव से उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। 1993 से राजा भैया लगातार कुंडा से विधायक रहे हैं। इसके बाद से यूपी की राजनीति में वह धीरे-धीरे अपने पैर पसारते चले गए। आज इस मुकाम पर पहुंचने के बाद वो खुद अपनी पार्टी बनाने जा रहे है।