अखिलेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यकर्ताओं ने किया जमकर हंगामा

लखनऊ — उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा कार्यकर्ताओं ने अचानक हंगामा करना शुरु कर दिया.वहीं हंगामा इतना बढ़ गया कि खुद अखिलेश यादव को उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा. दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आज प्रेस वार्ता बुलाई थी.जिसमें  सपाईयों के साथ सपा में शामिल होने आए कार्यकर्ताओं ने भी हंगामा मचाना शुरु कर दिया.इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफरातफरी का माहौल बन गया.इस पर अखिलेश यादव को खुद कार्यकर्ताओ को बाहर कराना पड़ा.वहीं अखिलेश यादव ने इस पर मीडिया से माफी भी मांगी.  इसके बाद अखिलेश यादव ने बीजेपी

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January 11, 2018

लखनऊ — उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा कार्यकर्ताओं ने अचानक हंगामा करना शुरु कर दिया.वहीं हंगामा इतना बढ़ गया कि खुद अखिलेश यादव को उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा.

दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आज प्रेस वार्ता बुलाई थी.जिसमें  सपाईयों के साथ सपा में शामिल होने आए कार्यकर्ताओं ने भी हंगामा मचाना शुरु कर दिया.इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफरातफरी का माहौल बन गया.इस पर अखिलेश यादव को खुद कार्यकर्ताओ को बाहर कराना पड़ा.वहीं अखिलेश यादव ने इस पर मीडिया से माफी भी मांगी. 

इसके बाद अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला  बोला. अखिलेश ने कहा कि मौजूदा सरकार में बहुत अत्याचार हो रहा है, कन्नौज में पुलिस वाले ने अत्याचार किया. शामली में एक लड़की के साथ अत्याचार हुआ, प्रशासन दबाव बनाकर मदद नही कर रहा है. भाजपा सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है, हम विकासवादी हैं.वहीं डीजीपी के कार्यभार न सँभालने पर भी तंज कसते हुए  कहा कि दिन अच्छे नही हैं इसलिये डीजीपी जॉइन नही कर रहे हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि हमनें बहुत धोखे खाए हैं इसलिए बहुत समझदार हो गए हैं. उन्होंने कहा कि हम तो दोस्त नही बदलते हैं.अखिलेश ने गोरखपुर महोत्सव पर कहा कि अब तो बराबरी हो गई है. हमलोग कला को पसंद करने वाले हैं, हमें आपत्ति क्यों होगी. लेकिन जब महोत्सव हो रहा है तो सैफई से अच्छा हो.इसके अवाला 

बाराबंकी जहरीली शराब से मौत पर अखिलेश ने कहा, ” हमारी सरकार में जब ऐसी घटना होती थी तो बीजेपी वाले सवाल उठाते थे. यह घटना बड़ी है. सरकार को जांच करानी चाहिए. मृतकों को मुआवजा मिलना चाहिए. हमारी सरकार में घटना हुई थी. उसमें बीजेपी का समर्थक ही शराब बांट रहा था. हमारी सरकार ने मुआवजा दिया था. जांच होनी चाहिए बाराबंकी में भी कोई बीजेपी समर्थक ही तो नहीं था जो जहरीली शराब बांट रहा था. सरकार मृतकों के परिवार को 10 लाख मुआवज़ा दे.”

गौरतलब है कि बसपा के पूर्व विधायक ताहिर हुसैन, तहँसीम सिद्दीकी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, भीम प्रसाद निषाद भाजपा नेता, महेश बहादुर पूर्व भाजपा विधायक, नंद किशोर मिश्रा पूर्व विधायक, शम्भू चौधरी पूर्व विधायक, श्याम लाल रावत पूर्व मंत्री कांग्रेस ने सपा की सदस्यता ली है और इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव की पुत्रवधू ने सपा की सदस्यता ली.