शीतकालीन सत्र से पहले बोले पीएम मोदी- हार की बौखलाहट संसद में मत निकालो, पराजय की निराशा से बाहर निकले विपक्ष

Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र का आज सोमवार 1 दिसंबर से हो रहा है। जो 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठके होंगी। शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि यह सत्र न तो हार की हताशा का मैदान बने और न ही जीत के घमंड का मंच। उन्होंने कहा कि दुनिया आज लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था की मजबूती को करीब से देख रही है, और संसद का हर पल

Written By :

SK Sharma

Updated

December 1, 2025

Parliament Winter Session

Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र का आज सोमवार 1 दिसंबर से हो रहा है। जो 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठके होंगी। शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि यह सत्र न तो हार की हताशा का मैदान बने और न ही जीत के घमंड का मंच। उन्होंने कहा कि दुनिया आज लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था की मजबूती को करीब से देख रही है, और संसद का हर पल राष्ट्र-निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक नकारात्मकता में बर्बाद किया जाना चाहिए।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद देश को तरक्की की नई गति देने और उसके भविष्य की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद का शीतकालीन सत्र देश की विकास यात्रा में भी नई ऊर्जा भरेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतंत्र को जिया है। डेमोक्रेसी का जोश और उत्साह बार-बार ऐसे तरीकों से जाहिर हुआ है जिससे डेमोक्रेसी में भरोसा और मजबूत होता है। पीएम मोदी ने कहा नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए। राष्ट्रनीति पर बात होनी चाहिए।

Parliament Winter Session: पीएम मोदी ने विपक्ष पर किया जोरदार हमला

विपक्ष पर निशाना साधते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ पार्टियां अपनी हार पचा नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि बिहार के नतीजों के बाद समय के साथ चीजें ठीक हो जाएंगी, लेकिन हाल के बयानों से साफ पता चलता है कि हार का दर्द अभी भी उन्हें सता रहा है। यह दुख की बात है कि वे इस निराशा को पार्लियामेंट तक ले आए। किसी पार्टी का नाम लिए बिना, उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट को देश की पॉलिसी और भविष्य पर फोकस करना चाहिए, न कि राज्य की पॉलिटिक्स का प्लेटफॉर्म बनना चाहिए। उन्होंने इस प्रवृत्ति को देश के लिए अस्वस्थ परंपरा करार दिया।

मोदी ने कहा कि पिछले कुछ समय से पार्लियामेंट या तो इलेक्शन के लिए वार्म-अप का मैदान बन गई है या इलेक्शन में हार के बाद गुस्सा निकालने की जगह। यह प्रैक्टिस खत्म होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “नेगेटिविटी की पॉलिटिक्स का कुछ फ़ायदा हो सकता है, लेकिन देश बनाने के लिए पॉजिटिव सोच जरूरी है। आइए हम नेगेटिविटी को कम करें और देश बनाने पर अपना ध्यान लगाएं।”

Parliament Winter Session: युवा संसदों को मिले अधिक मौके

प्रधानमंत्री ने युवा संसदों को ज़्यादा मौके देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के प्रतिनिधि नए आइडिया और नए नज़रिए के साथ पार्लियामेंट में आते हैं। देश को भी उनके अनुभव और एनर्जी का फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट ड्रामा का स्टेज नहीं, बल्कि काम करने की जगह है – वहां लिया गया हर फैसला लाखों लोगों की जिंदगी पर असर डालता है।

Parliament Winter Session: प्रधानमंत्री सभी दलों से की ये अपील

प्रधानमंत्री ने सभी पार्टियों से विंटर सेशन को पॉज़िटिविटी, कोऑपरेशन और कंस्ट्रक्टिव डिबेट का प्लेटफ़ॉर्म बनाने की अपील की, ताकि पार्लियामेंट की एनर्जी का इस्तेमाल देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए किया जा सके। उन्होंने कहा, “संसद क्या सोच रही है और देश के लिए क्या करने जा रही है, इस सेशन का फोकस इसी पर होना चाहिए। विपक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, मजबूत मुद्दे उठाने चाहिए और हार की निराशा से उबरना चाहिए।”

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