फर्रुखाबाद— एक पुरानी कहावत है कि घर की आग घर मे रहने दो नही तो पूरा मोहल्ला इसकी चपेट में आ जाएगा। ऐसा ही एक विवाद पति-पत्नी के बीच हुआ जिसमें शराबी पति ने अपनी झोंपड़ी को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते आग पूरें गाँव में फ़ैल गयी। जिसके बाद गांव की लगभग एक सैकड़ा झोपड़ी जलकर राख हो गयी।
थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम मंझा की मढैया निवासी शराबी राजेन्द्र पुत्र रामपाल का अपनी पत्नी विटोली देवी से विवाद हो गया। उसने पहले तो पत्नी के साथ मारपीट की। जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे वहां से भगा दिया। राजेन्द्र कटरी की तरफ चला गया। तकरीबन सुबह वह पुन: घर लौटा और गाली-गलौज करते हुये अपनी खुद की झोपड़ी में आग लगा दी।
देखते ही देखते आग की तेज लपटों ने सारा गाँव अपने कब्जे में कर लिया। पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। लोग जबतक कुछ समझ पाते की उनकी झोपड़िया आग की गिरफ्त में आ चुकी थी। आग से गांव के रामपाल, रामप्रकाश, गया सिंह, लल्ला सिंह ब्रजेश, बेंचेलाल, कल्लू, धनपाल व कुंबरपाल सहित लगभग एक सैकड़ा झोपड़ी जलकर राख हो गयी। गांव वालों की माने तो गांव के 70 परिवारों को चिन्हित किया जा चुका है। घटना की सूचना ब्रजेश ने थाना पुलिस को दी। जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक रामप्रकाश, तहसीलदार राजीव निगम व दमकल की एक गाड़ी मौके पर आ गयी।
बोरिंग से पानी खींचकर आग पर काबू पाया गया है। लेकिन जबतक गाड़ी पहुंची तबतक पूरा गांव जल चुका था। जिन ग्रामीणों के घर जलने के बाद रहने की जगह नही बची है उन्हें तहसीलदार अमृतपुर ने रहने के लिए विद्यालय में व्यवस्था की जा रही है। भोजन आदि की व्यवस्था भी करायी जायेगी। लेखपालों की टीम लगाकर सभी के नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।वहीं जिलाधिकारी मोनिका रानी भी कार्यालय से निकलकर गांव के पीड़ितों से मिलने निकली हैं।
गांव के लोग बेहद गरीब है जिसकी वजह से केवल झोपड़ी डालकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। लेकिन इस आग से सभी परिवारों के पास खाने तक के लिए कुछ नही बचा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन उनके घरो को किस प्रकार से आबाद करता है। या कितनी मदद देगा यह देखने की बात होगी। सबसे अच्छी बात यह रही कि भीषण आग में किसी प्रकार की जन हानि नही हुई है। डीएम के आदेश पर आग से पीड़ित लोगों के लिए राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
(रिपोेर्ट-दिलीप कटियार,फर्रुखाबाद)

