2022 विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने जारी किए नए नियम, जानिए क्या हुए अहम बदलाव

विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां जोरो शोरों से प्रचार प्रसार कर रही हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नई गाइडलाइन जारी किया है। रोड शो, पदयात्रा,बाइक।गाड़ियों की रैली के साथ जुलूस निकलने पर सख्त पाबंदी रहेगी। चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी प्रेस नोट जारी करके दी है। वही आयोग राजनीतिक पार्टियों के प्रचार के लिए इनडोर हॉल में पब्लिक मीटिंग और आउटडोर मीटिंग के लिए कुछ हद तक रियायत बरती है। चुनाव आयोग ने पुराने नियम में किए अहम बदलाव: 2022

Written By :

Anjali Tripathi

Updated

February 6, 2022

विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां जोरो शोरों से प्रचार प्रसार कर रही हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नई गाइडलाइन जारी किया है। रोड शो, पदयात्रा,बाइक।गाड़ियों की रैली के साथ जुलूस निकलने पर सख्त पाबंदी रहेगी। चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी प्रेस नोट जारी करके दी है। वही आयोग राजनीतिक पार्टियों के प्रचार के लिए इनडोर हॉल में पब्लिक मीटिंग और आउटडोर मीटिंग के लिए कुछ हद तक रियायत बरती है।

चुनाव आयोग ने पुराने नियम में किए अहम बदलाव:

2022 विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग की ओर से नई नोटिस जारी की गई है। चुनाव आयोग ने कहा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए जारी किए गए नए गाइडलाइन का राजनीतिक दलों को सख्ती से पालन करना होगा।

1   आउटडोर मीटिंग/इनडोर मीटिंग/रैली के दौरान प्रतिबंधों में और ढील कुछ शर्त के साथ दी जाएगी। इनमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या हॉल में अधिकतम 50 प्रतिशत और खुले मैदान के 30 प्रतिशत तक सीमित होनी चाहिए।

2   एक साथ कार्यक्रम स्थल पर भीड़ इकट्ठा न हों इसलिए प्रवेश करने वाले और निकल रहे लोगों के लिए कई गेट होने चाहिए । सभी प्रवेश द्वारों पर पूरीस्वच्छता और थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम होने चाहिए।

3  एंट्री गेटके साथ-साथ उसके भीतर भी पर्याप्त संख्या में हैंड सैनिटाइजर रखे जाने चाहिए। हर समय फिजिकल डिस्टेंसिंग के मानदंडों, मास्क पहनने और अन्य गाइड लाइन का पालन जरुर होना चाहिए।

4   खुले मैदान में रैलियां केवल जिला अधिकारियों की ओर सेनामित मैदानों में आयोजित की जा सकती हैं। इसके साथ ही सभी शर्तों के पालन के एसडीएमए अधीन होंगी।

5   इन मैदानों का आवंटन जिला प्रशासनई-सुविधा पोर्टल के माध्यम से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर समान रूप से करेगा। इन मैदानों की क्षमता जिला प्रशासन की ओर से काफी पहले से तय की जाएगी। वही सभी पक्षों को इसकी सूचना पहले ही दे दी जाएगी।

6  खुली जमीन की बैठकों के दौरानलोगों के बीच पर्याप्त दूरी होने के साथ साथ पर्याप्त समूहों में समायोजित करना होगा। वही आयोजक इस व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे और व्यवस्था के पालन को सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी की होगी।

7   राजनीतिक दलों को उपरोक्त सभी निर्देशों और एसडीएमए से संबंधित दिशा-निर्देश का पालन करना होगा।कोविड संबंधित प्रोटोकॉल और दिशानिर्देशों के किसी भी उल्लंघन के जिम्मेदार आयोजक होंगे।

 

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