PM Modi Inaugurates Pune Metro Pink Line: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पुणे मेट्रो की ‘पिंक लाइन’ का उद्घाटन कर शहर वासियों की बड़ी सौगात दी। इसके अलावा, उन्होंने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होने और लाखों लोगों के रोजमर्रा के सफर में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए, पीएम ने कहा कि जब जीवन में कोई नई सुविधा जुड़ती है, तो त्योहारों की खुशी और भी बढ़ जाती है। “आज पुणे के लोगों के लिए ऐसा ही एक सुखद अवसर है। मुझे खुशी है कि आज पुणे मेट्रो की एक और लाइन का उद्घाटन हो रहा है।”
IT हब को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दस साल पहले, मुझे पुणे मेट्रो परियोजना के पहले चरण की आधारशिला रखने का मौका मिला था। अब, हिंजवडी और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने से, पुणे के एक प्रमुख IT हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। आज शुरू की गई यह नई लाइन पुणे के पुराने और नए हिस्सों के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी। मैं पुणे और पूरे महाराष्ट्र के लोगों को बधाई देता हूं। पुणे हमेशा से ऐसे विचारों का केंद्र रहा है, जिन्होंने देश और समाज को एक नई दिशा दी है। आज, पुणे ‘विकसित भारत’ के निर्माण में नई ऊर्जा भरने का काम भी कर रहा है।”
विकास को मिलेगी नई गति
उन्होंने आगे कहा, “IT, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, स्टार्टअप्स और इनोवेशन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पुणे देश के युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं का शहर है। ऐसे में, मेट्रो कनेक्टिविटी का मजबूत होना शहर के विकास को नई गति देगा। पुणे मेट्रो का उद्घाटन और विस्तार यह दिखाता है कि हम ‘विकसित भारत’ के लिए किस तरह के शहरों का निर्माण कर रहे हैं। पहले, किसी शहर की पहचान आमतौर पर वहां के उद्योगों, मशहूर स्थानीय खान-पान, या किसी खास फल या फसल से होती थी। आज, किसी शहर को परिभाषित करने के लिए दो और पैमाने जुड़ गए हैं: पहला, वह कितना प्रतिस्पर्धी है। दूसरा, वहां ‘जीवन जीने में कितनी आसानी’ (ease of living) है।” “मेट्रो परियोजनाएं इन दोनों ही पैमानों पर शहर की स्थिति को बेहतर बनाती हैं।”
पीएम मोदी ने कहा, “पुणे मेट्रो का विस्तार लोगों का समय बचा रहा है और उन्हें काफी सुविधा दे रहा है। हम सभी जानते हैं कि जब किसी शहर में समय की बचत होती है, तो वहां की उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) बढ़ती है। जब किसी शहर की उत्पादकता बढ़ती है, तो इससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। और जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है, गरीब और मध्यम वर्ग दोनों को इसका लाभ मिलता है। आज का दिन ‘जन-हितैषी’, ‘सक्रिय’ (प्रो-एक्टिव) और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध होने का एक बेहतरीन उदाहरण है।”
मेट्रो परिवहन तंत्र में आया बड़ा बदलाव
उन्होंने आगे कहा, “2014 तक, देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो चल रही थी। अगर पुरानी सोच, पिछली सरकार और पुरानी कार्य-संस्कृति बनी रहती, तो पुणे तक मेट्रो पहुंचने में कई और दशक लग जाते। लेकिन, जब 2014 में देश ने NDA को सेवा करने का मौका दिया, तो हमने एक पक्के इरादे के साथ काम शुरू किया हमारा लक्ष्य था कि हमारे शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लिए ‘जीवन को आसान’ बनाया जाए और ‘आवागमन को सुगम’ किया जाए। पिछले 12 वर्षों में, देश के मेट्रो परिवहन तंत्र में पूरी तरह से बदलाव आया है।”
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