बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से हरियाणा में मचा हाहाकार, कई इलाकों में छाया अंधेरा, पानी को तरस रहे लोग

Haryana Electricity Strike: हरियाणा में बिजली सेक्टर के कथित प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ बिजली विभाग के करीब 40,000 कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल से हाहाकार मच गया है। इस हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह समेत राज्य के कई इलाके अंधूरे में डूब गए है। बिजली संकट का असर पानी की सप्लाई और इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा है। पिछले 48 घंटे से लोग बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस बीच हरियाणा के एनर्जी मिनिस्टर अनिल विज कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने को बुलाया है। उनका दावा है कि हड़ताल जल्द खत्म हो जाएगी। हड़ताल के बाद हरकत

Written By :

SK Sharma

Updated

October 23, 2026

Haryana Electricity Strike

Haryana Electricity Strike: हरियाणा में बिजली सेक्टर के कथित प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ बिजली विभाग के करीब 40,000 कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल से हाहाकार मच गया है। इस हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह समेत राज्य के कई इलाके अंधूरे में डूब गए है। बिजली संकट का असर पानी की सप्लाई और इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा है। पिछले 48 घंटे से लोग बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस बीच हरियाणा के एनर्जी मिनिस्टर अनिल विज कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने को बुलाया है। उनका दावा है कि हड़ताल जल्द खत्म हो जाएगी।

हड़ताल के बाद हरकत में आई सरकार

इस बीच हरकत में आई सरकार ने हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया। बिजली मंत्री अनिल विज मीटिंग के लिए पंचकूला के रेस्ट हाउस पहुंचे हैं। वे कर्मचारी संगठनों से बातचीत करेंगे। विज का दावा है कि जल्द हड़ताल खत्म होने जा रही है। शुक्रवार सुबह हरियाणा के एनर्जी मिनिस्टर अनिल विज ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज पोस्ट किया, जिसमें कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की गई। विज ने हरियाणा में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा, “हम इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 के सेक्शन 108 के तहत कार्रवाई करने सहित सभी ऑप्शन पर चर्चा के लिए तैयार हैं।” वहीं विज के पोस्ट ने एक नई बहस छेड़ दी है।

जानें हड़ताल पर क्यों गए बिजली कर्मचारी

बता दें कि हरियाणा में बिजली कर्मचारी निजीकरण और गुरुग्राम व नूंह में निजी वितरण कंपनी (Elektron Power) को हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा दिए गए 25 साल के लाइसेंस के विरोध में तीन दिन की हड़ताल पर हैं। जिसके चलते 72 घंटों तक बिजली सेवाएं बाधित रहने की आशंका है। बुधवार रात 10 बजे शुरू हुई इस हड़ताल से इंडस्ट्री, अस्पताल, स्कूल, सरकारी ऑफिस और आम जनजीवन पर असर पड़ा है। बिजली संकट का असर पीने के पानी की सप्लाई पर भी पड़ रहा है।

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से मचा त्राहिमाम

पिछले 24 घंटों में हरियाणा में 33 केवी के 118 और 11 केवी के 510 से ज्यादा फीडर खराब हो गए। भिवानी में सबसे ज़्यादा 280 फीडर खराब हुए। करनाल, भिवानी, यमुनानगर और अंबाला के कई इलाकों में 28 घंटे बाद भी बिजली सप्लाई ठीक नहीं हुई। देर रात गुरुग्राम, फरीदाबाद और सिरसा में लोगों ने सड़कें जाम करके हंगामा किया। हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भी यही हाल रहा। हिसार के पॉश इलाकों में 24 घंटे से बिजली नहीं है। झज्जर में CAG पेट्रोल पंप भी बंद कर दिए गए हैं।

करोड़ों का कारोबार प्रभावित

सोनीपत के राई, बाड़ी और कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में ज़्यादातर यूनिट्स को जनरेटर पर निर्भर रहना पड़ा। इसके बावजूद, प्रोडक्शन कैपेसिटी लगभग 2,500 यूनिट्स पर आधी रह गई। करनाल में 1,000 से ज़्यादा इंडस्ट्रियल यूनिट्स ने ऑपरेशन रुकने की सूचना दी। रोहतक में, भिवानी रोड के पास 50 यूनिट्स और जींद में 78 यूनिट्स में काम रुक गया। रेवाड़ी में लगभग 150 फैक्ट्रियों, बहादुरगढ़ में 300 इंडस्ट्रियल यूनिट्स और नारनौल में लगभग 20 छोटी इंडस्ट्रीज़ में प्रोडक्शन पर असर पड़ा।


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