Parvinder Jhota Murder: पंजाब के मानसा में ड्रग्स के खिलाफ मुहिम चलाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार सुबह सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह खौफनाक वारदात खुद परविंदर सिंह झोटा द्वारा चलाए जा रहे एक फेसबुक लाइव वीडियो में कैद हो गई। इस घटना के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
झोटा के शरीर लगीं थी तीन गोलियां
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर झोटा एक फार्मेसी गए और मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछा जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे। इसी को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, इस दौरान दुकान में मौजूद एक व्यक्ति ने झोटा पर गोलियां चला दी। वहीं गोली लगने से उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने परविंदर को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनके साथियों को भी गोलियों के छर्रे लगे हैं और वे अस्पताल में भर्ती हैं।
जबकि घटना के बाद दुकान का मालिक दुकान बंद करके मौके से भाग गया। खबर मिलने पर पुलिस और झोटा के समर्थक मौके पर जमा हो गए। फिलहाल मानसा सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. गुरमेल सिंह ने मीडिया को बताया कि झोटा को तीन गोलियां लगी थीं। उन्होंने कहा, “एक गोली परविंदर के लिवर में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।” रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें बहुत करीब से कई बार गोली मारी गई थी।
हत्या का वीडियो आया सामने
दरअसल परविंदर सिंह झोटा, जो अक्सर मानसा में सिंथेटिक और नशीली दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करते हैं, मंगलवार सुबह अपने साथियों के साथ अश्वनी कुमार के मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। झोटा के साथ एक बुजुर्ग व्यक्ति भी था और उन्होंने दावा किया कि उस व्यक्ति ने अभी-अभी दुकान से प्रतिबंधित दवाएं खरीदी थीं।
लगभग 5 मिनट 48 सेकंड के एक लाइव वीडियो में, झोटा को केमिस्ट अश्वनी कुमार से CCTV फुटेज दिखाने के लिए कहते और पुलिस को बुलाते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “अश्वनी ने अपनी पीठ के पीछे पिस्तौल छिपा रखी है… मार ना, मार मुझे, तूने पिस्तौल क्यों निकाली है?” इसके तुरंत बाद, गोली चलने की तेज आवाज सुनाई देती है, उनके हाथ से फोन गिर जाता है और लाइव बंद हो जाता है।
नशे के खिलाफ छेड़ रखी थी मुहिम
बता दें कि परविंदर सिंह झोटा एक एंटी-ड्रग टास्क फोर्स से जुड़े थे और ड्रग्स की तस्करी और नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ सक्रिय रूप से मुहिम चला रहे थे। उन्होंने ड्रग्स बेचने के शक वाले लोगों का सामना किया था और ड्रग्स की समस्या के खिलाफ एकजुट होने के लिए स्थानीय समुदायों को लामबंद किया था। उन्हें मानसा और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोर पर बैन कैप्सूल की बिक्री के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए जाना जाता था। उनकी कोशिशों की वजह से कई ग्राम पंचायतों ने ड्रग्स के इस्तेमाल के खिलाफ प्रस्ताव पास किए थे। ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों के आरोपी लोगों के साथ उनके टकराव की खबरें भी पहले सुर्खियों में रही थीं।
हत्या के बाद इलाके में तनाव
परविंदर सिंह झोटा सोशल मीडिया पर ‘झोटा’ के नाम से मशहूर थे। दिन-दहाड़े हुई उनके हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, गोली मारने के मकसद, आरोपी की पहचान और पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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