CJP Protest: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वाली है। इसके चलते दिल्ली पुलिस और सरकार अलर्ट मोड पर हैं। 10 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, दिल्ली में 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों को बंद करने पर भी विचार किया जा रहा है। इस बीच, सीजेपी को तगड़ा झटका देते हुए दिल्ली पुलिस ने धरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस नूपुर प्रसाद ने कहा कि पार्टी ने विरोध प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी थी और पहले से तय शर्तों का पालन नहीं किया था।
दिल्ली पुलिस ने बताई वजह
जॉइंट कमिश्नर (नई दिल्ली रेंज) नूपुर प्रसाद ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “हमें कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से 7 अक्टूबर एक आवेदन मिला था। यह आवेदन CEC की जवाबदेही को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की सूचना देने के लिए था। सूचना की समीक्षा करने पर पता चला कि इसे बहुत कम समय पहले विरोध प्रदर्शन के लिए अर्जी दी गई थी। तय दिशानिर्देशों के अनुसार, नियोजित विरोध प्रदर्शन की सूचना 10 दिन पहले मिलनी चाहिए।” इस वजह से उसे जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी गई है।
उन्होंने आगे कहा, “यह बताना भी जरूरी है कि पहले जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को वहां विरोध प्रदर्शन की इजाजत दी गई थी, तो वे कानूनी निर्देशों या उस समय किए गए वादों का पालन करने में विफल रहे थे। इसलिए, कानूनी निर्देशों और पिछले आश्वासनों का पालन न करने, साथ ही मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए इस बार इजाजत नहीं दी गई है।”
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि नई दिल्ली इलाके में अभी BNSS की धारा 163 लागू है, जिसके तहत कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी एहतियाती पाबंदियां लगाई जाती हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि कोई भी BNSS की धारा 163 के नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जॉइंट CP नूपुर प्रसाद ने बताया कि सौरव दास ने 7 अक्टूबर को एक अर्जी दी थी, जिसमें उन्होंने CEC की जवाबदेही को लेकर 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने की इच्छा जताई थी। इस विरोध प्रदर्शन के लिए अर्जी बहुत कम समय पहले दी गई थी, जो हमारी गाइडलाइंस के मुताबिक नहीं है। इसलिए, हमारी सार्वजनिक सुरक्षा गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए, विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है।
10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का किया ऐलान
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कल, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। सीजेपी ने कहा है कि अनुमति न मिलने के बावजूद वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। पार्टी ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए हैं और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने का वादा किया है।
दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें कैंसिल
उधर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने 9 अक्टूबर को एक बड़ा आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, शुक्रवार को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशनों से चलने वाली और शनिवार को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। साथ ही एहतियात के तौर पर 10 अक्टूबर को राजधानी के 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फैसला लिया गया है
रेलवे विभाग के कोचिंग डायरेक्टरेट के एक आदेश में कहा गया है कि यह फैसला दोनों स्टेशनों के आस-पास के इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए लिया गया है। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच उठाया गया है, हालांकि रेलवे अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि ट्रेनों को रद्द करने का संबंध इन विरोध-प्रदर्शनों से है या नहीं। फिलहाल प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। साथ ही दिल्ली की सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस व केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं।
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