Varanasi ATS Encounter: मुठभेड़ में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर गंझू ढेर, बाल-बाल बचे डिप्टी एसपी साहब

Varanasi ATS Encounter: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार सुबह हुए मुठभेड़ में यूपी एटीएस को बड़ी सलफता मिली है। रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास हुई इस मुठभेड़ में यूपी एटीएस ने इनामी प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को मार गिराया। उस पर झारखंड सरकार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मिली जानकारी के मुताबिक, यह एनकाउंटर रविवार सुबह करीब 5:00 बजे रामनगर पुलिस स्टेशन इलाके में टेंगरा मोड़ के पास हुआ। यूपी ATS को खुफिया जानकारी मिली

Written By :

SK Sharma

Updated

September 20, 2026

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Varanasi ATS Encounter: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार सुबह हुए मुठभेड़ में यूपी एटीएस को बड़ी सलफता मिली है। रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास हुई इस मुठभेड़ में यूपी एटीएस ने इनामी प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को मार गिराया। उस पर झारखंड सरकार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह एनकाउंटर रविवार सुबह करीब 5:00 बजे रामनगर पुलिस स्टेशन इलाके में टेंगरा मोड़ के पास हुआ। यूपी ATS को खुफिया जानकारी मिली थी कि वह रविवार तड़के अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा है। सूचना मिलीते ही एटीएस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर आए बृजेश को जैसे ही रुकने का इशारा किया गया, वैसे ही उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। वहीं जवाबी कार्रवाई की और बृजेश को गोली लग गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि एनकाउंटर के दौरान उसका एक साथी मौके से भाग निकला।

बाल-बाल बचे डिप्टी एसपी साहब

उधर इस मुठभेड़ में नक्सली बृजेश की ओर से की गई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। हालांकि, दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं। ATS ने मौके से दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस और खाली खोखे बरामद किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया है।

कौन था बृजेश गंझू

बता दें कि इनामी नक्सली बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लूटू गांव का रहने वाला था। पुलिस और जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के मुताबिक, वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वॉन्टेड लिस्ट में था। झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख का इनाम घोषित किया था, जबकि NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उस पर झारखंड और दूसरे राज्यों में कई आरोप थे जिनमें हत्या, जबरन वसूली और गैर-कानूनी हथियार व टेरर फंडिंग से जुड़े अपराध शामिल थे। NIA भी TPC से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में उसकी तलाश कर रही थी। वाराणसी जैसे शहर में इनामी नक्सली कमांडर की मौजूदगी की सूचना के बाद ATS और स्थानीय पुलिस की टीम ने कार्रवाई की और सफलता हासिल की।

ठेकेदारों से करता था वसूली

एटीएस के अधिकारियों के अनुसार, वह एक ऐसे नेटवर्क में सक्रिय था जो कोयला खनन, ट्रांसपोर्टेशन और कॉन्ट्रैक्टिंग से जुड़े कारोबारियों से अवैध वसूली करता था। करीब आठ साल पहले झारखंड पुलिस ने एक्शन लेते हुए उसके घर की कुर्की की कार्रवाई की थी। बृजेश की मौत की खबर के बाद, झारखंड में सुरक्षा एजेंसियां उसके खिलाफ दर्ज मामलों के रिकॉर्ड और नक्सली गतिविधियों में उसकी संलिप्तता की समीक्षा कर रही हैं।

साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बृजेश गंझू वाराणसी कब पहुंचा और उसका मकसद क्या था। फिलहाल, पुलिस मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले सबूत, गोलीबारी से जुड़ी जानकारी और बृजेश गंजू की गतिविधियों के बारे में मिली सूचनाओं की बारीकी से जांच की जा रही है।


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